तरावड़ी में सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया। इसी कारण करीब ढाई घंटे लेट चल रही दादर एक्सप्रेस को करनाल रेलवे स्टेशन पर ही रोकना पड़ा।
करीब 1 घंटा 15 मिनट करनाल रेलवे स्टेशन पर ही दादर एक्सप्रेस खड़ी रही और यात्री गर्मी में जूझते रहे। दादर एक्सप्रेस के करनाल में ठहरने के कारण दिल्ली से कुरुक्षेत्र की ओर जाने वाली पैसेंजर गाड़ी को भी करनाल में ही रोकना पड़ा। यह गाड़ी भी करीब डेढ़ घंटे तक करनाल में रुकी रही।
बहरहाल कुरुक्षेत्र, करनाल और अंबाला में दादर एक्सप्रेस के इंतजार में बैठे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार 11057 दादर एक्सप्रेस प्रतिदिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर करनाल रेलवे स्टेशन पहुंचती है। सोमवार को यह गाड़ी अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे 25 मिनट देरी से करनाल रेलवे स्टेशन पर सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर पहुंची, लेकिन इसे यहां से रवाना नहीं किया गया।
काफी देर तक यात्रियों को समझ नहीं आया कि आखिरकार गाड़ी को क्यों नहीं चलाया जा रहा है। अलबत्ता यात्री कई तरह की अफवाहों के चलते परेशान दिखे और उनके दिल की धड़कन ऊपर नीचे रही। सुबह करीब साढ़े 11 बजे यात्रियों को पता चला कि तरावड़ी में मालगाड़ी का इंजन फेल होने के कारण गाड़ी को करनाल में रोका गया है।
इसके बाद नया इंजन मंगवाया गया और मालगाड़ी को उसके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। करीब 11 बजकर 58 मिनट पर इस गाड़ी करनाल से रवाना किया गया। ध्यान रहे कि दादर एक्सप्रेस करनाल के बाद तरावड़ी में भी ठहरती है।
इसी तरह 64465 दिल्ली-कुरुक्षेत्र पैसेंजर जो सुबह 11 बजे करनाल स्टेशन पहुंचती है उसे भी करीब सवा घंटे तक करनाल ही रोकना पड़ा। दादर एक्सप्रेस के निकलने के बाद ही इस गाड़ी को आगे रवाना किया गया।
दस दिनों में तीसरी बार इंजन फेल
रेलगाड़ियों के करनाल में इंजन फेल होने की यह तीसरी घटना है। 10 दिनों में करनाल में तीन अलग-अलग गाड़ियों के इंजन फेल हो चुके हैं। इससे पहले तरावड़ी में बरौनी एक्सप्रेस का इंजन फेल होने से करीब आधा दर्जन गाड़ियां लेट रही थी। इसके दो दिन बाद ही घरौंडा में बठिंडा एक्सप्रेस का शाम के समय इंजन फेल हो गया था। ऐसे में सवाल यह भी है कि करनाल में ही इन गाड़ियों के इंजन क्यों फेल हो रहे हैं।
विरेंद्र ठाकुर, स्टेशन अधीक्षक करनाल ने बताया कि तरावड़ी में मालगाड़ी का इंजन फेल हो गया था। इसी कारण दादर एक्सप्रेस को करनाल में ठहराव देना पड़ा।