पुलिस विभाग ने शहर के हर सेक्टर में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर चालान काटने का निर्णय लिया है। ऐसे में एसोसिएशन के पदाधिकारी ट्रैफिक मार्शल की भूमिका अदा करेंगे।
यह योजना करीब छह माह पहले बनाई गई थी और अब अगले सप्ताह से इसे लागू किया जा रहा है। इसके लिए एसएसपी ट्रैफिक ने खुद तीनों डिवीजन के डीएसपी को प्लान तैयार करने के लिए कहा है।
एसएसपी ट्रैफिक की ओर से यह भी आदेश जारी किए गए हैं जो ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर चालान नहीं काटेंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
रेश ड्राइविंग है बड़ी समस्या
सेक्टरों के अंदर रिहाइशी इलाकों में रेश ड्राइविंग करने वाले पैदल चलने वालों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। सेक्टरों के अंदर ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते हैं और कार चालक सीट बेल्ट नहीं लगाते।
हर वीरवार को किया जाता है जागरूक
एंटी क्राइम एंटी करप्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील भारद्वाज का कहना है कि वह अपने सगठन की ओर से हर वीरवार को शहर के अलग अलग लाइट प्वाइंट पर रात दो घंटे चालकों को जागरूक करते हैं। उन्होंने बताया कि चालकों को सीट बेल्ट पहनने और जेब्रा कासिंग से पहले गाड़ी रोकने के लिए विशेष तौर पर जागरूक किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस को भी खुद इस तरह के जागरूकता अभियान चलाने चाहिए।
इतने कटे चलान
कारण.................................चालान
बिन स्ट्रिप्स हेलमेट.........................3117
ओवर स्पीड.........................1444
ड्रंक एंड ड्राइविंग.........................340
बिना सीट बेल्ट.........................1047
(यह आंकड़े सिर्फ जनवरी के हैं)