ट्रैफिक पुलिस ने इस साल 20 दिसंबर तक ढ़ाई लाख चालकों के अलग अलग नियम तोड़ने वालों के चालान काटकर 8 करोड़ 9 लाख रुपये जुर्माने से कमाई की है। जबकि पिछले साल अब तक 1 लाख 8 हजार लोगों के चालान काटकर 5.5 करोड़ रुपये इकट्ठे किए गए थे। इस साल ट्रैफिक पुलिस की ओर से विशेष तौर पर दोपहिया वाहन चालकों पर ध्यान दिया गया है। बिना स्ट्रीपिस (बेल्ट) के वाहन चलाने वाले अब तक 24 हजार 912 चालकों के चालान काटे गए है जबकि पिछले साल सिर्फ 3 ऐसे चालकों के चालान काटे गए है जबकि चालकों का कहना है कि पुलिस को चालकों को चालान न काटकर जागरूक करना चाहिए।
इस साल ट्रैफिक पुलिस की ओर से विशेष तौर पर नो पार्किंग और सड़क किनारे वाहन चलाने वालों के सबसे ज्यादा चालान काटे गए है जबकि शहरवासियों का कहना है कि बाजारों, रिहायशी इलाकों और सावर्जनिक स्थलों में पार्किंग की जगह कम है ऐसे में प्रशासन को नए पार्किंग स्थल बनाने पर भी जोर देना चाहिए। इस साल 20 दिसंबर तक 24 हजार चालकों के चालान रोग पार्किंग के काटे गए है जबकि पिछले साल अब तक 13 हजार चालकों के चालान नो पार्किंग के काटे गए थे। सबसे ज्यादा चालान पुलिस की ओर से बाजारों में खड़े नो पार्किंग के वाहन के काटे गए है ऐसे वाहनों को पुलिस की क्रेन उठाकर भी ले जाती है। इसके अलावा इनमे वह चालान भी शामिल है जिनकेवाहनों पर पुलिस नो पार्किंग के स्टीकर भी चिपका जाती है। इस साल अब तक 3.9 लाख अलग अलग वायलेंशन में चालाकों के चालान कटे है जबकि पिछले साल इनकी संख्या 2.2 लाख थी। व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजींव सिंह का कहना है कि शहर में चालान काटने की ओर से पुलिस का ज्यादा जोर है जबकि जागरूकता के नाम पर इतना प्रयास नहीं किया जा रहा है।
जब्त करने वालों की संख्या बढ़ी
इस साल ट्रैफिक पुलिस की ओर से पिछले साल के मुकाबले में ज्यादा वाहन जब्त किए गए है। ट्रैफिक पुलिस कोई भी दस्तावेज न होने पर चालक का वाहन जब्त करती है। इस साल अब तक 13 हजार से ज्यादा वाहनों को जब्त किया गया है जबकि पिछले साल इकनी संख्या 8 हजार थी। इस बार ड्रंक एंड ड्राइविंग केचालानों की संख्या में कमी आई है। इस साल पुलिस की ओर से नाकों पर 4500 चालान काटे गए है जबकि पिछले साल अब तक इनकी संख्या 4600 थी। इस साल बिना हेलमेट पहन कर वाहन चलाने वालों के भी पिछले साल के मुकाबले में करीब साढ़े तीन हजार के चालान कम कटे है।
ट्रैफिक पुलिस के एसएसपी मनीष चौधरी का कहना है कि पुलिस का लक्ष्य चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना है। उनका कहना है कि नियम को तोड़ने वाला चालक अपने साथ साथ सड़क पर चलने वाले अन्य चालकों के लिए भी खतरनाम साबित होता है। उन्होंने बताया कि हर कोई चालक नो पार्किंग को लेकर जागरूक है ऐसे में भविष्य में भी रोग पार्किंग वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
किस प्रकार के चालान पिछले साल इस साल (20 दिसंबर तक)
बिना हेलमेट 43500 40500
ड्रंक एंड ड्राइविंग 4500 4600
रोंग पार्किंग 12000 24000
लेन बदलना 950 400
जेबरा क्रासिंग 23500 13600
मोबाइल फोन प्रयोग 6070 6000
रेड लाइट जंप 23614 43640
हेलमेट बिना स्ट्रीपिस 3 करीब 25 हजार
बिना सीट बेल्ट 11500 17 हजार
रोग साइड ट्रन 14000 25070
रोग नंबर प्लेट 1820 6171
हाईबीम हेड लाइट 51 2410
12 महिलाओं के चालान कटे
शराब पीकर वाहन चलाने वाली महिलाओं के भी नाकों के दौरान पुलिस ने चालान काटे है। इस साल पुलिस ने अब तक कुल एक दर्जन ऐसी महिलाओं के चालान काटे है जिनके वाहन भी जब्त किए गए है जबकि पिछले साल सिर्फ दो ऐसी महिलाओं केचालान काटे गए थे जो कि शराब पीकर वाहन चला रही थी। इस बार अब तक आधा दर्जन बार एलकोहल मीटर (शराब की मात्रा जांचने का यंत्र) की खामी को लेकर नाके पर पुलिस और चालकों में बवाल हो चुका है।
नो पार्किंग के चालान बढ़ेंगे
ट्रैफिक पुलिस का भी मानना है कि शहर में बाकी चालानों की संख्या तो कम हो सकती है लेकिन नो पार्किंग के चालानों की संख्या कम नहीं हो सकती है क्योंकि शहर में पार्किंग स्थलों की संख्या काफी कम है। बाजारों में शाम को हर समय पार्किंग फुल रहती है और प्रशासन और नगर निगम इस ओर कोई प्रयास नहीं कर रही है। विभाग की ओर से सेक्टर-17,22 और 34 में नए पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। ट्रैफिक मार्शल सुनील भारद्वाज का कहना है कि नगर निगम की ओर से तीन साल से कम्युनिटी पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।