फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों सावधान: चंडीगढ़ पुलिस ने तैयार करवाया ई-नाका सॉफ्टवेयर, कैसे काम करेगा?

Tue, 29 Apr 2025 03:23 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालक सावधान हो जाएं। क्योंकि  पुलिस ने ई-नाका सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है। इससे वाहन और वाहन चालक की पूरी जानकारी पुलिसकर्मी के सामने होगी।
विज्ञापन
चंडीगढ़ में ट्रैफिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों को लेकर पहले से ही सख्ती है। शहर की सड़कों पर हर लाइट प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे हैं, जिनसे वाहन चालकों की गलती होने पर चालान कट जाता है। वहीं अब यातायात नियमों को लेकर और ज्यादा सख्ती की जा रही हैं। 

विज्ञापन


यूटी पुलिस ने ई-नाका सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है। इससे वाहन और वाहन चालक की पूरी जानकारी पुलिसकर्मी के सामने होगी। ई-नाका सॉफ्टवेयर में ई-वाहन और ई-साथी एप मौजूद हैं। ई-वाहन एप से नंबर प्लेट स्कैन करते ही गाड़ी की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी। अगर गाड़ी चोरी की है तो भी पता चल जाएगा। गाड़ी के कितने चालान हो रखे हैं या फिर कितने पेंडिंग हैं, यह सब जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी। चंडीगढ़ पुलिस जल्द ही इस सॉफ्टवेयर को लॉन्च करेगी। उसके बाद नाके पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को टैब दिए जाएंगे। टैब में कैमरा भी होगा, जिससे पुलिसकर्मी रिकॉर्डिंग भी कर सकता है। यह रिकॉर्डिंग पुलिस अधिकारी देख सकेंगे। यह नाका पुलिस के लिए काफी मददगार साबित होगा।

पुलिसकर्मी की ड्यूटी का टाइम भी होगा नोट
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मी जैसे ही नाके की ड्यूटी ऑन करेगा वह सॉफ्टवेयर में एंट्री करेगा। इन और आउट दोनों ही जानकारी देनी होगी। इस सॉफ्टवेयर के बाद भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। अगर किसी वाहन चालक ने अपराध किया है तो पुलिसकर्मी को उसका चालान करना पड़ेगा।
विज्ञापन


मौके पर भुगत सकते हैं चालान
अगर कोई वाहन चालक नियम तोड़ देता है तो वह मौके पर ही अपना चालान भुगत सकता है। इस सॉफ्टवेयर में क्यूआर कोर्ड स्कैन करते ही चालान की राशि आ जाएगी। जिसका तुरंत भुगतान किया जा सकता है। बिना हाई सिक्योरिटी वाली नंबर प्लेट भी यह सॉफ्टवेयर स्कैन करेगा।

हर गाड़ी की दर्ज होगी जानकारी
सॉफ्टेयर में जितनी भी गाड़ियों की एंट्री की जाएगी, उसकी जानकारी खुद संरक्षित हो जाएगी। अगर पुलिस दिन में तीन हजार वाहनों की सॉफ्टवेयर की मदद से जांच करती है तो उसकी जानकारी हमेशा के लिए संरक्षित रहेगी। नंबर प्लेट स्कैन करने से यह भी पता चल जाएगा कि गाड़ी की असली मालिक कौन है। वाहन कब और किसे बेचा गया। अगर ड्राइविंग लाइसेंस पर पहले भी चालान हो चुके हैं तो वह भी सामने आ जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें