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पाक के साथ ठप हुए व्यापार का बुरा असर, अटारी ट्रक यूनियन के 900 में से 500 ट्रक बिके

Wed, 19 Feb 2020 03:47 AM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर ( पंजाब)

सार

  • सैकड़ों मजदूरों और रेहड़ी वालों पर छाया रोटी का संकट।
  • माल की ढुलाई कर 60 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कमाते थे ट्रक ऑपरेटर।
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अटारी बॉर्डर। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पुलवामा में पिछले साल फरवरी में हुए आतंकी हमले के बाद अटारी सड़क सीमा पर स्थित इंटीग्रेटिड चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार लगभग ठप होने का गहरा असर सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों व मजदूरों पर पड़ा है। आईसीपी में मजदूरी कर परिवार पालने वालों को तो रोटी के लाले पड़ गए हैं।

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आईसीपी से माल लेकर दूसरे राज्यों में पहुंचाने वाले ट्रक ऑपरेटरों को ट्रकों की किस्त जमा करना मुश्किल हो रहा है। कई ट्रक मालिक किश्त नहीं भर पा रहे थे, इस कारण उन्होंने अपने ट्रक बेच दिए हैं। कुछ ट्रक किस्तों की अदायगी न होने के कारण बैंकों ने जब्त कर लिए हैं।

अटारी ट्रक यूनियन के प्रधान हरिंदर सिंह लाली ने बताया कि कभी उनकी यूनियन माल आईसीपी से ढोकर अन्य राज्यों तक पहुंचाने में बेहद व्यस्त रहती थी। इस दौरान लगभग 900 ट्रक काम पर लगे थे। इससे उनकी लगभग 60 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कमाई होती थी। अब तो इनमें से लगभग 500 ट्रक या तो बिक चुके हैं या बैंकों ने जब्त कर लिए हैं। 
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ड्राइवर बेरोजगार हो चुके हैं। कुलदीप सिंह के अनुसार भारत-पाकिस्तान के बीच सात दशक में कई बार संबंध बिगड़े। लेकिन इसका प्रभाव व्यापार पर इतना नहीं पड़ा, जितना इस बार पड़ा है। कुलदीप सिंह को उम्मीद है एक न एक दिन बंद हुए व्यापार के दरवाजे जरूर खुलेंगे।

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रेहड़ी वाले की आय दो हजार से 200 रुपये पहुंची 

आईसीपी की स्थापना के बाद रेहड़ी लगाने वाले रमेश को उस दिन का इंतजार है जब दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू होगा। जब दोनों देशों के बीच व्यापार था तो उसके पास प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक ड्राइवर व मजदूर चाय पीते थे और अन्य सामान खरीदते थे। वह रोजाना दो से ढाई हजार तक कमा लेता था। इससे उसका गुजारा बढ़िया हो जाता था। अब उसकी आय मात्र 200 रुपये प्रतिदिन ही रह गई है।

कुली का काम करने वाले दोनो भाई हुए बेरोजगार 
आईसीपी में काम करने वाले एक कुली नवदीप सिंह ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार बंद होने के बाद उसका जीवन ही अस्तव्यस्त हो गया है। काम के दौरान उसे एक दिन चोट लग गई तो अधिकारियों ने उसके भाई को काम करने की अनुमति दे दी थी। अब दोनों भाई बेरोजगार हैं। उसका भाई मनी अब टैटू बनाता है लेकिन उसमें कमाई न के बराबर है। इससे गुजारा होना मुश्किल हो गया है।

पुलवामा हमले के बाद आया मात्र छह करोड़ का माल 
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले पर फिदायीन हमला किया था। इस कारण केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ आईसीपी के माध्यम से होने वाले व्यापार को बंद करने के लिए पाकिस्तान से निर्यात होने वाले माल पर 200 फीसदी ड्यूटी लगा दी थी। पाकिस्तान ने भी भारत सरकार के साथ सभी व्यापारिक संबंध खत्म करने की घोषणा की थी। 

पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से मात्र छह करोड़ का माल भारत आया है। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2018-2019 में 262 करोड़ का माल आया था। भारत ने इस आतंकी हमले के बाद 223 करोड़ रुपये का माल पाकिस्तान भेजा है। वहीं, बीते वर्ष 613 करोड़ का माल भेजा था।
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