आईसीपी की स्थापना के बाद रेहड़ी लगाने वाले रमेश को उस दिन का इंतजार है जब दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू होगा। जब दोनों देशों के बीच व्यापार था तो उसके पास प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक ड्राइवर व मजदूर चाय पीते थे और अन्य सामान खरीदते थे। वह रोजाना दो से ढाई हजार तक कमा लेता था। इससे उसका गुजारा बढ़िया हो जाता था। अब उसकी आय मात्र 200 रुपये प्रतिदिन ही रह गई है।
कुली का काम करने वाले दोनो भाई हुए बेरोजगार
आईसीपी में काम करने वाले एक कुली नवदीप सिंह ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार बंद होने के बाद उसका जीवन ही अस्तव्यस्त हो गया है। काम के दौरान उसे एक दिन चोट लग गई तो अधिकारियों ने उसके भाई को काम करने की अनुमति दे दी थी। अब दोनों भाई बेरोजगार हैं। उसका भाई मनी अब टैटू बनाता है लेकिन उसमें कमाई न के बराबर है। इससे गुजारा होना मुश्किल हो गया है।
पुलवामा हमले के बाद आया मात्र छह करोड़ का माल
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के एक काफिले पर फिदायीन हमला किया था। इस कारण केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ आईसीपी के माध्यम से होने वाले व्यापार को बंद करने के लिए पाकिस्तान से निर्यात होने वाले माल पर 200 फीसदी ड्यूटी लगा दी थी। पाकिस्तान ने भी भारत सरकार के साथ सभी व्यापारिक संबंध खत्म करने की घोषणा की थी।
पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से मात्र छह करोड़ का माल भारत आया है। जबकि पिछले वित्त वर्ष 2018-2019 में 262 करोड़ का माल आया था। भारत ने इस आतंकी हमले के बाद 223 करोड़ रुपये का माल पाकिस्तान भेजा है। वहीं, बीते वर्ष 613 करोड़ का माल भेजा था।