चंडीगढ़। शहर में व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) के तहत सुधार कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से प्रशासन सक्रिय हो गया है। यूटी प्रशासन के उद्योग सचिव एवं डीसी निशांत कुमार यादव ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी हितधारक विभागों को एक फरवरी तक सुधार कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। योजना के तहत श्रम, पर्यावरण, कर, भूमि प्रशासन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल 343 सुधार बिंदुओं को लागू किया जाना है ताकि व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाया जा सके। सुधारों का उद्देश्य चंडीगढ़ में सरकार से व्यवसाय तक तेज और अधिक कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से सरकार की कोशिश है कि व्यापार करने वालों को कोई परेशानी न आए। सेवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बने और सेवाएं ऑनलाइन हों। यूटी ने एक फरवरी तक कई सुधार करने का फैसला किया है। यह लक्ष्य 15 फरवरी की राष्ट्रीय समय सीमा से काफी पहले निर्धारित किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चंडीगढ़ समय पर डीपीआईआईटी को अपनी प्रगति प्रस्तुत करे। अब तक 133 सुधार कार्य बिंदुओं के साक्ष्य पहले ही डीपीआईआईटी के पोर्टल पर प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जिनमें से 109 सुधार पूरे हो चुके हैं। संबंधित विभाग बाकी 100 सुधार कार्य बिंदुओं को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं, जो वर्तमान में प्रगति पर हैं। सचिव उद्योग ने यह भी कहा कि बीआरएपी के तहत विभिन्न विभागों की ओर से की गई प्रगति का आकलन करने के लिए जल्द ही एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।