पिछले एक साल से बैंकों की ओर से उठापटक जारी है। कभी नोटबंदी का पंगा तो कभी न्यूनतम बैलेंस में कटौती। बैंकों में सुविधाएं बढ़ीं या नहीं, मगर शिकायतों का अंबार जरूर बढ़ गया है। बैंकिंग लोकपाल कार्यालय की वर्ष 2016-17 की रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंकों के खिलाफ शिकायतों में 27 फीसदी का इजाफा हुआ है।
साल 2015-16 के मुकाबले सबसे ज्यादा शिकायतों में वृद्धि चंडीगढ़ कार्यालय की सीमा में आने वाले बैंकों के खिलाफ हुई है। करीब 79.15 फीसदी की। साल 2014-15 में बैंकों के खिलाफ 3131, साल 2015-16 में 4571, साल 2016-17 में 8189 शिकायतें ग्राहकों ने दर्ज करवाई हैं। चंडीगढ़ की सीमा में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, पंचकूला, यमुनानगर और अंबाला जिले में स्थित सभी बैंक आते हैं।
चंडीगढ़ के बाद अहमदाबाद और कोलकाता के बैंकों के खिलाफ ग्राहकों ने शिकायत की है। सबसे ज्यादा शिकायतें बैंकों के रवैये को लेकर है। ग्राहकों को लुभावने के लिए बैंक कई तरह के वादे करते हैं, मगर बाद में उसे पूरा नहीं करते। उसके बाद एटीएम और केडिट कार्ड से संबंधित नाराजगी है।
इस तरह की कर सकते हैं शिकायत
बैंकिंग लोकपाल कार्यालय में चेक और ड्राफ्ट नॉन-पेमेंट और पेमेंट में हुई देरी, प्लास्टिक मनी, बैंकिंग प्रैक्टिस में गड़बड़ी, बिना सूचना के सर्विस चार्ज वसूलने, आनलाइन बैंकिंग ट्रांसजेक्शन, लोन, एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। शिकायतों की पूरी लिस्ट आरबीआई की वेबसाइट पर देख सकते हैं।