केजीपी को शुरू हुए अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन एनएचएआई ने वाहन चालकों को दूसरी बार झटका दे दिया है। केजीपी के शुरू होते ही एनएचएआई ने टोल टैक्स की दर को बढ़ा दिया था, वहीं अब दोबारा से टैक्स की दर को बढ़ाया गया है। इस तरह केजीपी पर वाहन दौड़ाने वालों की जेब ज्यादा ढीली होगी और यह टोल टैक्स की बढ़ी दर एक अप्रैल से लागू हो जाएगी।
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 27 मई 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। उस समय केजीपी को आम लोगों के लिए खोल दिया गया था, लेकिन टोल प्लाजा 15 जून से शुरू करके टैक्स की वसूली की गई थी। जहां एनएचएआई ने केजीपी को शुरू करते समय प्रति किलोमीटर स्कीम के आधार पर टैक्स वसूली के लिए कहा था, वहीं टोल प्लाजा शुरू करते हुए सभी इंटरचेंज के लिए टैक्स तय कर दिया गया था जो किलोमीटर के आधार से काफी ज्यादा हो गया था।
वहीं अभी केजीपी शुरू हुए केवल दस महीने हुए हैं, लेकिन एनएचएआई ने केजीपी पर वाहन दौड़ाने वालों के लिए दोबारा टैक्स बढ़ा दिया है। जिससे कुंडली के मुख्य टोल प्लाजा से पलवल तक कार लेकर जाने पर 10 रुपये तो ट्रक का 60 रुपये तक टोल टैक्स बढ़ गया है। इस तरह केजीपी से रोजाना हरियाणा, यूपी, जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल, गुजरात समेत अन्य कई राज्यों के लगभग 50 हजार से ज्यादा वाहन चालकों पर इसका असर पड़ेगा।
बागपत और गाजियाबाद तक नहीं बढ़ा कार का टोल टैक्स
केजीपी पर टोल टैक्स भले ही बढ़ा दिया गया हो, लेकिन बागपत के मवीकलां व गाजियाबाद के दुहाई इंटरचेंज तक कार लेकर जाने वालों को पुरानी टोल दर ही देनी होगी। क्योंकि वहां तक का कोई टोल टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। उससे आगे के सभी इंटरचेंज तक जाने पर कार चालकों को भी बढ़ी टोल दर देनी होगी जो पांच से दस रुपये तक है।
केजीपी पर हर इंटरचेंज के लिए टैक्स दर अलग-अलग तय की हुई है। जिसमें वार्षिक वृद्धि के आधार पर नियमानुसार बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ी हुई दर एक अप्रैल से लागू हो जाएगी।
-अमन रोहिल्ला, परियोजना निदेशक एनएचएआई