अब अगर आप खुले में शौच करने के लिए जाएंगे तो सिटी बज उठेगी। पंचकूला के गांवों में लोगों ने यह तरीका निकाला है, ताकि खुले में शौच पर रोक लगाई जा सके। अब जो भी ग्रामीण सुबह खुले में शौच जाता है तो ग्रामीण निगरानी समिति के महिला और पुरुष सदस्य के साथ प्रेरक सीटी बजाने लगे हैं।
सीटी की आवाज सुनने के साथ ही ग्रामीण खुले में शौच जाने से हिचकने लगे हैं। गांववासियों तथा प्रेरकों के सहयोग से जिला पंचकूला खुले में शौच मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निगरानी समिति के सदस्यों व मोटिवेटरों ने शुक्रवार को बरवाला खंड के गांव ढंडारु व टपरियां और मोरनी खंड के भोज नाइटा, डंडोग व पिंजौर ब्लॉक के गणेशपुर भोरिया, केदारपुर तथा खंड रायपुररानी के गांव रत्ता टिब्बी में सुबह 4 से 8 बजे तक निगरानी की।
इसके साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूक रैलियां निकाली जा रही हैं। इस अवसर पर निगरानी समिति के सदस्यों एवं मोटिवेटरों के साथ गांव के सरपंच एवं पंच उपस्थित थे। अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से जिले की 128 ग्राम पंचायतों को 15 अप्रैल तक खुले में शौच मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिसमें लोगों का विशेषकर महिलाओं को पूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह भी देखा गया कि छोटे-छोटे बच्चे, गांव में बुजुर्गों के खुले में शौच करने पर उन्हें रोकने के लिए व समझाने के लिए सीटी बजाते हैं और उनको शर्मसार कर रहे हैं।