चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी पत्रकार संजीव महाजन की जमानत याचिका पर वीरवार को फैसला नहीं हो सका। दरअसल, अभियोजन पक्ष के वकील ने सोमवार तक का समय मांगा। अदालत ने यह कहते हुए एक दिन का समय और दिया कि पहले ही जमानत याचिका पर एक सप्ताह का समय लग चुका है। अब जमानत याचिका पर दोनों पक्ष शुक्रवार को अपनी दलीलें देंगे। उसके बाद तय होगा कि जमानत मिलेगी या नहीं।
बीते 24 मार्च को संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने अदालत में जमानत याचिका दायर कर कहा था कि संजीव महाजन ने कई अधिकारियों, नेताओं और अपराधियों की गलत हरकतों का खुलासा किया था, इसलिए उसे निशाना बनाकर झूठे केस में फंसाया गया है। उसका कोठी हड़पने से कोई संबंध नहीं है। ऐसा केवल संजीव महाजन की छवि खराब करने के लिए किया गया है। पुलिस रिमांड और घर में छापेमारी के दौरान ऐसी कोई विवादित चीज भी बरामद नहीं हुई। वह अदालत की सभी शर्तों का पालन करने के लिए तैयार है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। बता दें कि इस मामले में संजीव महाजन को बीते एक मार्च को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, मामले के दो आरोपियों सौरव गुप्ता और मनीष गुप्ता की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।
इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इनमें से आरोपी पत्रकार संजीव महाजन, डीएसपी रामगोपाल के भाई सतीश डागर, इंस्पेक्टर राजदीप सिंह और कोठी खरीदने वाले सौरव गुप्ता और उसके भाई मनीष गुप्ता को जेल भेजा जा चुका है। इन आरोपियों के अलावा शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, खलिंदर सिंह कादियान, अशोक अरोड़ा, शेखर और दलजीत सिंह अभी भी फरार चल रहे हैं।