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पीजीआई में रैगिंग : निष्पक्ष जांच के लिए एमसीआई में शिकायत की तैयारी

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चंडीगढ़। पीजीआई में रैगिंग का मामला तूल पकड़ने लगा है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन 48 घंटे गुजरने के बाद भी जांच कमेटी गठित न होने पर रोष में है। एसोसिएशन के सचिव डॉ. सुनील का कहना है कि रैगिंग का मामला सामने आते ही पीजीआई प्रशासन को तत्काल कमेटी गठित कर देनी चाहिए थी, लेकिन इसमें अनदेखी की जा रही है। एसोसिएशन चुप बैठने वाला नहीं है। अब मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई)में मामला पहुंचाया जाएगा जिससे इसकी निष्पक्ष जांच की जा सके।
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गौरतलब है कि पीजीआई के न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर का रैगिंग के कारण पीजीआई छोड़कर घर लौटने की शिकायत मिली है। इस पर एसोसिएशन ने पीजीआई प्रशासन से कमेटी गठित कर मामले की शीघ्र जांच कराने की मांग की है। डॉ. सुनील का कहना है कि मामले में पीजीआई पर सीधा आरोप नहीं लगाया जा रहा, लेकिन जिस तरह से लेटलतीफी की जा रही है उससे इस बात की पुष्टि हो रही है कि पीजीआई प्रशासन इसमें जांच करना नहीं चाहता। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने आरोप लगाने वाले डॉक्टर को बुलाकर आमने-सामने जांच करने की मांग की है, ताकि किसी तरह की अनदेखी की गुंजाइश न रहे। इस मांग को अनदेखा कर पीजीआई प्रशासन एकतरफा न्याय करने में जुटा हुआ है। इसलिए अब मामला एमसीआई में ले जाना जरूरी हो गया है, क्योंकि रैगिंग की घटना बेहद गंभीर मानी जाती है। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आने के बाद एक बात तो तय हो गई है कि पीजीआई की एंटी रैगिंग कमेटी निष्क्रिय हो चुकी है अन्यथा उस डॉक्टर के पीजीआई छोड़ने की नौबत ही नहीं आती।
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