चंडीगढ़। देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों में शुमार पीजीआई में जांच किट की कमी के कारण मरीजों का इलाज बाधित हो रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में इंफर्टिलिटी का इलाज कराने आने वाली महिलाओं को ईआर डी1 डी2 जांच के लिए चक्कर लगवाया जा रहा है। इसका कारण यह है कि जांच करने वाला किट संस्थान में उपलब्ध नहीं है। चिंताजनक बात यह है कि इस जांच के लिए इलाज के लिए आने वाली महिलाओं को एक महीने तक इंतजार करने को कहा जा रहा है क्योंकि यह जांच पीरियड के दौरान की जाती है। ऐसे में जो महिलाएं एक महीने के इंतजार के बाद जांच कराने आ रही हैं उन्हें अगले 30 दिन की डेट दी जा रही है। इससे उनका इलाज तो बाधित हो रहा, साथ ही परेशानी भी बढ़ रही है।
गौरतलब है कि पीजीआई के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में चंडीगढ़ के साथ ही देश के कोने कोने से महिलाएं इलाज कराने आती हैं। विभाग की एक दिन की ओपीडी में 500 से 700 महिलाओं को परामर्श दिया जाता है। ऐसे में किट खत्म होने की सूचना पहले न देने व उससे इलाज बाधित होने की सूचना निराशाजनक है। विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जांच किट जैसी चीज का इंडेंट और स्टॉल लगातार चेक किया जाता है। इसके खत्म होने से 15 दिन पहले सूचना स्टोर को दे दी जाती है, बावजूद इसके आपूर्ति सुनिश्चित न किया जाना लापरवाही है।
इनसेट-
फिर एक महीने और करना पड़ेगा इंतजार
इंफर्टिलिटी की समस्या है। पीजीआई के स्त्री रोग विभाग में दिखाने पर डॉक्टर ने एक महीने पहले एक जांच लिखी थी। पीरियड के दूसरे दिन पीजीआई जाकर जांच करवानी थी लेकिन वहां जाने पर पता चला कि अभी एक महीने और इंतजार करना पड़ेगा।
-दीपा सिंह, हल्लोमाजरा
एक महीने रोके रखा, अब नंबर देकर लौटा दिया
पिछली बार ओपीडी में जाने पर डॉक्टर ने ईआर नाम से एक जांच लिखी थी और बोला था कि अगले महीने जांच होगी लेकिन तय समय पर जाने पर यह कहकर लौटा दिया कि अभी किट ही नहीं है। एक नंबर दिया और कहा कि अगले महीने कॉल करके आना।
-आरती चौरसिया, दड़वा
कोट
किट की अनुपलब्धता के संबंध में संबंधित विभाग के प्रमुख से जानकारी मांगी गई है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर समस्या को शीघ्र दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई