चंडीगढ़। पीजीआई ने मधुमेह से पीड़ित बच्चों की मदद के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया है। इसकी पहली कड़ी के रूप में पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में वीरवार को सत्र आयोजित किया गया। इसमें चंडीगढ़ के 40 सरकारी व निजी स्कूलों के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में बाल मधुमेह सेवाओं के प्रभारी डॉक्टर देवी दयाल और नेशनल नर्सिंग इंस्टिट्यूट पीजीआई की प्रिंसिपल डॉ. सुखपाल कौर ने किया।
सत्र का संचालन लतिका रोहिल्ला और प्रियंका वालिया ने किया। इस अवसर पर सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर पूनम खन्ना भी मौजूद रहीं। सभी ने शहर के स्कूलों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम जिसका शीर्षक एसटी आईसीएच प्रोजेक्ट है, में चंडीगढ़ के प्रत्येक स्कूल से कम से कम दो स्कूल कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। चंडीगढ़ के साथ ही यह योजना ट्राइसिटी के स्कूलों में भी चलेगी। इसके माध्यम से मधुमेह से पीड़ित बच्चों की स्कूल में होने वाली समस्याओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम की सफलता के आधार पर इसे अन्य राज्यों के स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि मधुमेह से पीड़ित बच्चे को पर्यवेक्षक और देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि उनमें बीमारी के कारण इंसुलिन देने तक की आवश्यकता उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में स्कूल के कर्मचारियों को शुगर की जांच और बच्चे को सहायता देने से संबंधित जानकारी होना बेहद जरूरी है।