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Chandigarh News: चेहरे पर न आए कट के निशान, अब मुंह और बगल से की जा रही सर्जरी

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चंडीगढ़। थायराइड और पैरा थायराइड के मामले में अब मरीजों के मुंह या बगल से एंडोस्कोपी के माध्यम से सर्जरी की जा रही है जिससे चेहरे या खुले स्थान पर कट के निशान न आ पाए। यह सुविधा मरीज के लिए बेहद लाभदायक है, लेकिन अभी देश के बहुत कम केंद्रों में उपलब्ध है। यह बातें एम्स नई दिल्ली के डॉ. कमल कटारिया ने शुक्रवार को पीजीआई में आयोजित रिसर्ज पीजीआई सर्जिकल कोलोक्वियम में बतौर वक्ता कहीं। भार्गव सभागार में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के अलग-अलग विशेषज्ञता वाले सर्जनों ने भाग लेकर नई तकनीक पर चर्चा की। तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन सर्जिकल विशेषज्ञों में नवीन तकनीकों का पता लगाने, शोध पर चर्चा करने के साथ ही सर्जरी की उभरता संभावनाओं पर मंथन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन पीजीआई के पूर्व निदेशक व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर केके तलवार ने किया। कार्यक्रम में जनरल सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और हैपेटॉबिलिअरी सर्जरी के साथ ही एंडोक्राइन, ब्रेस्ट सर्जरी वह वैस्कुलर सर्जरी के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।
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रोबोटिक सर्जरी ने आसान की राह
कार्यक्रम में मौजूद पीजीआई के पूर्व छात्र व नई दिल्ली एम्स के डॉ. उत्तम ठाकुर ने रोबोटिक सर्जरी के भविष्य से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से मानवीय त्रुटि जैसे हाथ कांपना या अनजाने में हरकत होने की आशंका कम हो जाती है जिससे सर्जरी की सटीकता से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होंने निशान रहित अंत स्रावी सर्जरी से जुड़ी भी जानकारी दी।
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