सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को हुई हड़ताल का शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक असर देखने को मिला। रोडवेज, बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण न तो बसें चलीं और न ही बिजली की पर्याप्त सप्लाई हो पाई।
शहरी क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति ठीकठाक रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आई। बिजली की सबसे ज्यादा दिक्कत कालका, बरवाला, रायपुररानी और मोरनी में रही।
वहीं, पंचकूला में कर्मियों की हड़ताल के कारण उपभोक्ता बिजली बिल भी जमा नहीं करा सके। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग, बीएंडआर, शिक्षा विभाग, नगर निगम और अस्पताल पर भी हड़ताल का मिलाजुला असर दिखा। रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का वीरवार को भी असर देखने को मिलेगा।
बस अड्डे में ही खड़ी रहीं बसें
रोडवेज बसों का संचालन बंद होने की वजह से यात्रियों को निजी वाहनों या ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा। देर शाम तक यही सिलसिला चलता रहा।
सुबह से ही सेक्टर-पांच स्थित बस अड्डे में बसें खड़ी रहीं और हड़ताली कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा। कर्मियों ने दिनभर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष भगीरथ सिंह ने कहा कि हड़ताल में अधिकतर दफ्तरों के कर्मी शामिल हुए। रोजवेज कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल का वीरवार को भी असर दिखेगा।
हुडा कर्मी ने भी नारेबाजी की
बिजली निगम के कर्मियों के साथ तालमेल कमेटी के सदस्यों ने दोपहर बाद पावर कालोनी में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मी काम पर नहीं पहुंचे।
नतीजतन लोगों के बिल भी जमा नहीं हो सके। शिक्षा विभाग के कर्मियों के भी हड़ताल में शामिल होने की वजह से छात्र-छात्राओं को दिक्कतें हुईं। वहीं, हुडा कर्मियों ने सेक्टर-आठ में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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बिजली की कटौती
कालका मंगलवार देर रात 12.40 से बुधवार शाम 6.15 तक
रायपुररानी बुधवार सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक
बरवाला मंगलवार देर रात 12.30 बजे से बुधवार रात करीब आठ बजे तक
मोरनी : मंगलवार रात सात बजे से बुधवार को दिनभर