ट्राइसिटी में लगातार दो दिन हुई रिकार्डतोड़ बारिश के पीछे वजह आसमान में पूर्वी और नम पश्चिमी हवाओं का टकराना रहा। पूर्व की ओर बढ़ रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के रथ (बादलों) को पूर्व की ओर से आ रही हवाओं ने चंडीगढ़ के आसमान पर आगे बढ़ने से रोक दिया।
यही वजह रही कि शनिवार पूरी रात बादल तेजी से गरजते रहे। डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और पूर्वी हवाओं का मिलन हुआ। इन हवाओं ने बादलों को बढ़ने से रोक दिया।
इसलिए चंडीगढ़ और उसके आसपास ही बादल छाए रहे और तेजी से बरसे। इस भिड़ंत के बाद अब वेस्टर्न डिस्टर्बेंस निष्क्रिय हो चला है। ऐसी ठंड में जरूरी है कि लोग कुछ अहम बातों का ध्यान रखें तो स्वास्थ्य और जिंदगी दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
ध्यान से करें ड्राइविंग, इन्हें करें फोलो
फॉग लाइट जलाकर चलें।लेन के नियम को फॉलो करें।वाहन से दूरी बनाकर रखें।वाहन को तेज गति से न चलाएं।
सोने से पहले ये सावधानियां बरतें
सोने से पहले ब्लोवर बंद कर दें।ज्यादा गर्म पानी से न नहाएं।कमरे में अंगीठी न जलाएं।हीटर या इमर्सन रॉड से गर्म होते पानी में हाथ न डालें।
बीमारी और वायरल इन्फेक्शन से बचें
जीएमएसएच-16 के मेडिसिन ऑफ डिपार्टमेंट के हेड डॉ. गोपाल भारद्वाज ने बताया कि सांस के रोगियों को अब ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है। वे अपने आपको गर्म रखें और डॉक्टर के संपर्क में रहें।
सामान्य जीवन जी रहे लोग चाय, कॉफी, सूप पीते रहें। चाय और कॉफी में चीनी की मात्रा कम रखें। इस मौसम में वायरल इन्फेक्शन चांस ज्यादा रहते हैं। इसलिए जरूरत है कि लोग इससे अपने को बचाएं। यदि कोई बीमार हो जाए, तो पूरी सावधानी बरतें।