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Timeline: ...जब आशा जसवाल के एक ऐलान ने उड़ा दी भाजपा नेताओं की नींद

Mon, 08 Jan 2018 09:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Mayor Elections 2018 - फोटो : अमर उजाला
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आखिरकार रविवार को भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मोदगिल ने वर्तमान मेयर आशा जसवाल से लिखित तौर पर माफी मांग ली। इसके साथ ही पार्टी में पांच दिन से जारी उठा-पटक पर विराम लग गया है, क्योंकि अब आशा जसवाल अपना नामांकन वापस लेने को राजी हो गई हैं। 
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ऐसे बदला घटनाक्रम 
2 जनवरी: कांग्रेस की ओर से दवेंद्र सिंह बबला ने मेयर, शीला फूल सिंह ने सीनियर डिप्टी मेयर और रविंदर कौर गुजराल ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन किया। उसी दिन भाजपा के पार्टी प्रभारी मौसम खराब होने केकारण दिन में नहीं आ सके। इस कारण उस दिन उम्मीदवार तय नहीं किए जा सके। जबकि मोदगिल को उम्मीदवार तय करने की जानकारी टंडन गुट को मिल गई थी। इसके बाद उसी रात टंडन गुट के पार्षदों ने बैठक कर तय किया कि अगर मोदगिल को उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उनमें से कोई न कोई नामांकन जरूर करेगा। 

3 जनवरी: भाजपा के पार्टी प्रभारी प्रभात ने जब देवेश मोदगिल का नाम मेयर पद के लिए तय किया तो घोषणा से पहले ही आशा जसवाल ने मेयर पद के लिए नामांकन भर दिया। जबकि रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन भरा। इस दिन आशा जसवाल ने देवेश मोदगिल पर आरोप लगाए। आशा जसवाल ने पार्टी प्रभारी प्रभात झा के बारे में भी कहा कि 14 पार्षदों की अनदेखी करते हुए ही मोदगिल को उम्मीदवार बना दिया गया।
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ऐसे बदला घटनाक्रम

Mayor Election 2018 - फोटो : अमर उजाला
4 जनवरी: संगठन मंत्री दिनेश कुमार के साथ मेयर आशा जसवाल और बागी पार्षदों की बैठक हुई। इसमें आशा जसवाल ने कहा कि चाहे एक वोट ही मिले, मैदान नहीं छोडू़ंगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी टंडन को फोन आया। 

5 जनवरी: नगर निगम के नौ मनोनीत पार्षदों के वोटिंग अधिकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्टे नहीं दिया। इस कारण मनोनीत पार्षद मेयर चुनाव के मतदान से बाहर हो गए। इसी दिन देवेश मोदगिल ने संगठन मंत्री के साथ मेयर आशा जसवाल के घर पर बैठक की। आशा जसवाल ने राष्ट्रीय संगठन मंत्री से मिलकर अपनी बात रखने की शर्त रखी। आशा ने संगठन मंत्री से कहा कि  यदि पार्टी को बचाना है तो मोदगिल से नामांकन वापस करवाया जाए।

6 जनवरी: आशा जसवाल संजय टंडन के साथ संगठन मंत्री से मिलने दिल्ली गईं। यहां पर बताया कि उन्होंने नामांकन क्यों दाखिल किया। संगठन मंत्री ने आशा जसवाल ने नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया।
 
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