आखिरकार रविवार को भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार देवेश मोदगिल ने वर्तमान मेयर आशा जसवाल से लिखित तौर पर माफी मांग ली। इसके साथ ही पार्टी में पांच दिन से जारी उठा-पटक पर विराम लग गया है, क्योंकि अब आशा जसवाल अपना नामांकन वापस लेने को राजी हो गई हैं।
ऐसे बदला घटनाक्रम
2 जनवरी: कांग्रेस की ओर से दवेंद्र सिंह बबला ने मेयर, शीला फूल सिंह ने सीनियर डिप्टी मेयर और रविंदर कौर गुजराल ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन किया। उसी दिन भाजपा के पार्टी प्रभारी मौसम खराब होने केकारण दिन में नहीं आ सके। इस कारण उस दिन उम्मीदवार तय नहीं किए जा सके। जबकि मोदगिल को उम्मीदवार तय करने की जानकारी टंडन गुट को मिल गई थी। इसके बाद उसी रात टंडन गुट के पार्षदों ने बैठक कर तय किया कि अगर मोदगिल को उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उनमें से कोई न कोई नामांकन जरूर करेगा।
3 जनवरी: भाजपा के पार्टी प्रभारी प्रभात ने जब देवेश मोदगिल का नाम मेयर पद के लिए तय किया तो घोषणा से पहले ही आशा जसवाल ने मेयर पद के लिए नामांकन भर दिया। जबकि रविकांत शर्मा ने सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन भरा। इस दिन आशा जसवाल ने देवेश मोदगिल पर आरोप लगाए। आशा जसवाल ने पार्टी प्रभारी प्रभात झा के बारे में भी कहा कि 14 पार्षदों की अनदेखी करते हुए ही मोदगिल को उम्मीदवार बना दिया गया।