हजारों सरकारी टीचर्स के लिए गुड न्यूज। उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। विधानसभा में बिल पारित कर ऐसा किया गया। अब पंजाब के टीचर्स मार्च की आखिरी तारीख तक सेवा दे सकेंगे।
सेवाकाल में वृद्धि संबंधी बिल ‘पंजाब स्कूल टीचर्स एक्सटेंशन इन सर्विस बिल 2015’ शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पेश किया। इसके अलावा विधानसभा में 6 बिल पारित हुए।
इसमें प्रावधान किया गया है कि किसी भी वर्ष की एक अगस्त से लेकर अगले वर्ष के फरवरी माह के आखिरी दिन के दौरान सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने वाले अध्यापकों को संबंधित शैक्षणिक सत्र यानी मार्च के आखिरी दिन तक सेवाकाल में वृद्धि दी जाएगी।
यह प्रावधान इसलिए किया गया है, ताकि बीच सत्र में सेवानिवृत्ति होने की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर विपरीत असर न पड़े। इस सेवाकाल वृद्धि के लिए अध्यापकों को कोई वेतन वृद्धि या अन्य लाभ नहीं दिया जाएगा।
वहीं, राज्य में कुछ चिट फंड कंपनियों की ठगी पर अंकुश लगाने से संबंधित ‘पंजाब जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा (वित्तीय संस्थाओं में) बिल 2015’ भी पास किया गया।
विधानसभा की सदस्यता से अयोग्यता के नियमों में संशोधन करते हुए वक्फ बोर्ड चेयरमैन के पद को लाभ के पदों के दायरे से निकाल दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से अध्यादेश के जरिए बिजली की खपत व अचल संपत्ति की खरीद पर लगाए गए विकास सेस को ‘पंजाब बुनियादी ढांचा (विकास व विनियमन) संशोधन बिल 2015’ का रूप दे दिया गया। कैदियों की पैरोल संबंधी नियमों में भी संशोधन संबंधी बिल भी पारित हुआ।
‘पंजाब पुरातन, ऐतिहासिक इमारतें, पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत रख-रखाव बोर्ड (दूसरा संशोधन) बिल 2015’ और ‘पंजाब स्टेट कमीशन फॉर एनआरआई (अमेंडमेंट) बिल 2015’ भी पारित हुए।