हरियाणा सरकार ने किसानों के भारत बंद को लेकर सोमवार को पुख्ता रणनीति तैयार की। बंद के दौरान पुलिस पूरे प्रदेश में मुस्तैद रहेगी। किसानों को शांतिपूर्ण बंद करने से रोका नहीं जाएगा लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं होगी। मुख्य सचिव विजय वर्धन ने सोमवार सुबह 11 बजे राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर भारत बंद को लेकर विचार-विमर्श करने के बाद अहम दिशा-निर्देश दिए।
निर्णय लिया गया कि कानून व्यवस्था व शांति बनाए रखने पर पूरा ध्यान रहेगा। उकसावे की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। आंदोलनकारियों व राजनीतिक दलों के लोगों को जबरन दुकानों को बंद कराने की इजाजत नहीं होगी। स्वैच्छिक तरीके से बंद में शामिल होने वालों को कोई नहीं रोकेगा।
बंद के दौरान किसी को सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। आपातकालीन सेवाएं सुचारु रखने के लिए पुलिस कार्यरत रहेगी। सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव ने डीजीपी, एडीजीपी सीआईडी, कानून व्यवस्था के अलावा गृह विभाग के उच्च अधिकारियों व सभी मंडलायुक्तों, पुलिस आयुक्तों, आईजी रेंज, डीसी, एसपी को निर्देश दिए कि स्थिति नियंत्रण में रहनी चाहिए। हर बॉर्डर व जिले की बंद के दौरान का अपडेट सरकार को भेजना होगा। डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर रहेगा। कोई अप्रिय घटना नहीं होने देंगे। पुलिस कर्मियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की गई है।
राजनीतिक दल, निजी स्कूल संचालक, कर्मचारी संगठन होंगे बंद में शामिल
कांग्रेस, इनेलो के विधायकों, नेताओं, कार्यकर्ताओं के अलावा जेजेपी के कुछ विधायक बंद में शामिल होंगे। निजी स्कूल संचालक भी ऑनलाइन कक्षाएं न लगाकर बंद का समर्थन करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ व अन्य संगठनों से जुड़े सरकारी कर्मी लंच टाइम में व रोडवेज कर्मचारी डिपो में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
किसानों के भारत बंद में शामिल होगा इनेलो
किसानों के भारत बंद में इंडियन नेशनल लोकदल शामिल होगा। पार्टी ने बंद को अपना पूरा समर्थन दिया है। इनेलो के प्रधान महासचिव व विधायक अभय चौटाला ने भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि जिस दिन किसान आंदोलन शुरू हुआ था, उसी दिन हमारी पार्टी ने एलान कर दिया था कि एक-एक कार्यकर्ता इस आंदोलन को मजबूत करने और केंद्र सरकार की तरफ से थोपे गए तीनों कानूनों को खत्म करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई को लड़ेगा।
वह स्वयं नौ दिसंबर को टिकरी बार्डर पर जाकर आंदोलन का संचालन करने वाले किसान संगठन के नेताओं और किसानों से मिलेंगे। इस आंदोलन को सफल बनाने में कोई भी कुर्बानी देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे। किसान नेता जो भी हमारी जिम्मेदारी लगाएंगे, उसे हम अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर निभाएंगे।