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पार्टी के कार्यक्रम में शामिल न होने पर कटेगी टिकट

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चंडीगढ़। घर में बैठने वाले कांग्रेसी नेताओं के दिन गए। अब सबको कार्यक्रमों में आना होगा। पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर दिए आह्वानों पर काम न करने वाले नेताओं की निगरानी शुरू हो गई है। प्रभारी हरीश रावत ने इसका लिखित विवरण (रिपोर्ट) मांगी है। पार्टी के निर्देशों पर धरना, प्रदर्शन और बैठकें में शामिल नहीं होने वाले नेताओं को निगम चुनाव का टिकट मिलना मुश्किल होगा क्योंकि टिकट के लिए पार्टी इन सभी बातों का ध्यान रखेगी। जानकारी के अनुसार पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने वाले नेताओं के साथ-साथ केवल फोटो खिंचवाने वाले नेताओं की प्रभारी से शिकायत की गई है।
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चंडीगढ़ में कांग्रेस संगठन की मजबूती के लिए काफी सजग हो गई है। पार्टी के नए बने प्रभारी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इससे पहले पार्टी के पदाधिकारियों के काम की रिपोर्ट मांग चुके हैं। वहीं अब पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और प्रदर्शनों में गैर-हाजिर रहने वाले पदाधिकारी किस कारण अनुपस्थित रहे, इसकी जानकारी मांगी है।
इस बारे में प्रदीप छाबड़ा, अध्यक्ष, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़ ने कहा कि पार्टी प्रभारी हरीश रावत ने काम की पूरी रिपोर्ट मांगी है। उन नेताओं की भी रिपोर्ट मांगी है जो पार्टी के कार्यक्रामों में शामिल नहीं होते। रिपोर्ट बनाई जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद प्रभारी को भेजी जाएगी।
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कृषि कानून व हाथरस घटना पर किए प्रदर्शनों में नहीं शामिल हुए थे कई नेता
नगर निगम के चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के प्रभारी ने सभी को सजग कर दिया है। काम नहीं करनेवाले नेताओं से जबाव तलब किया जाएगा। अभी हाल ही में कृषि कानून के खिलाफ पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नहीं पहुंचे थे। इन नेताओं में प्रदेश उपाध्यक्षों, महासचिवों, सचिवों के अलावा कार्यकारिणी के सदस्य शामिल हैं। इनमें से कई नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को प्रदर्शन में शामिल न होने की पहले ही सूचना दे दी थी। वहीं कई नेताओं ने प्रदर्शन में शामिल न होने की कोई सूचना नहीं दी। हाथरस मामले में राहुल गांधी के साथ धक्का-मुक्की के विरोध में पार्टी की ओर से दो अक्तूबर को सेक्टर-34 में किए प्रदर्शन में भी कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए थे।
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