हजारों वोल्ट का झटका लगा और तीन मजदूरों की जान चली गई। हादसे के बाद लोगों की भीड़ बेकाबू हो गई, जिन्हें भगाने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। घटना पंजाब के लुधियाना की है। सुभाष नगर की टावर लाइन नंबर पांच में रविवार दोपहर एक मकान का निर्माण करते समय हाइटेंशन तार की चपेट में आने से राजमिस्त्री राकेश कुमार (32), राजमिस्त्री शितरंजन (32) और मजदूर मनोज (26) निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार) की मौत हो गई। तीनों घर के बाहर चालिया लगाकर प्लस्तर कर रहे थे।
लोगों ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ने मजदूरों को कहा था कि पीछे से लाइट बंद है, वह अपना काम करते रहें। मकान मालिक ने न तो लाइट बंद कराई और न ही मजदूरों को सही बताया। सुभाष नगर टावर लाइन नंबर पांच के नीचे राजू का मकान है। उसकी समराला चौक के पास लेमन की दुकान है। मकान को उसने किराए पर दे रखा है, कुछ हिस्से में अपना सामान रखा है। वह पिछले ढाई महीने से मकान का निर्माण कार्य करवा रहा था। दो राजमिस्त्री और एक मजदूर काम पर थे। रविवार को घर के बाहर प्लस्तर होना था। इसके लिए उन्होंने एक-दो दिन पहले ही चालिया बांस लगा दी थी।
इलाके के लोगों का कहना है कि जब चालिया बांस लगाई जा रही थी, तो सभी ने उन्हें तार से बचने की बात की थी। मजदूरों ने मकान मालिक से भी तार का जिक्र किया था, लेकिन राजू ने उन्हें आश्वासन दिया कि उसने बिजली विभाग को बोल कर लाइट बंद करवा दी है। रविवार को सभी मजदूर प्लस्तर करने का काम कर रहे थे। ढाई बजे राजमिस्त्री राकेश को पास में से गुजरने वाली हाइटेंशन वायर से जोरदार झटका लगा। शितरंजन और मनोज ने उसे बचाने की कोशिश की तो वह भी दोनों करंट की चपेट में आ गए। तीनों के चिल्लाने की आवाज सुन आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए, लेकिन जब तक कोई कुछ कर पाता, तीनों ने दम तोड़ दिया।
जांच के बाद मकान मालिक राजू लेमन वाले पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सुरिंदर लांबा, एडीसीपी