चंडीगढ़। शिक्षा विभाग इस सेशन में तीन नए गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल खोलने जा रहा है। इसके अलावा करीब छह स्कूलों में 11वीं कक्षा के लिए कला संकाय की सीटें बढ़ाने जा रहा है। बता दें हर वर्ष शहर के सरकारी स्कूल में लगभग डेढ़ से दो हजार के करीब बच्चे दाखिले के लिए आवेदन करने के बाद वंचित रह जाते हैं। इनमें शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को तो फिर भी किसी ना किसी स्कूल में सीट दिलवा दी जाती है, लेकिन निजी और अन्य शहरों वाले बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाता है। इसी को देखते हुए विभाग ने स्कूलों की संख्या और सीटें दोनों बढ़ाने का फैसला लिया है।
शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि मलोया, रायपुरकलां और सेक्टर-45 के स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाया जा रहा है। इससे अधिक विद्यार्थियों को सरकारी स्कूल में दाखिले का मौका मिलेगा। जानकारी के अनुसार आगामी हफ्ते में शिक्षा विभाग ग्यारहवीं दाखिले के लिए शैड्यूल भी जारी कर देगा, क्योंकि सीबीएसई जुलाई में ही दसवीं के परीक्षा परिणाम की घोषणा करने वाली है। दसवीं के परीक्षा परिणाम में हुए बदलावों को देखते हुए दाखिला प्रक्रिया में थोड़ा बहुत बदलाव किया गया है, लेकिन विद्यार्थियों को दाखिला हर वर्ष की तरह ऑनलाइन मेरिट के आधार पर ही दिया जाएगा। हालांकि हर वर्ष विज्ञान संकाय के लिए विद्यार्थियों को कम सीटें होने के कारण मायूस होकर निजी स्कूल या कला संकाय में दाखिला लेना पड़ता है। इस पर विभाग अधिकारियों ने बताया कि विज्ञान संकाय की सीटें बढ़ाने के लिए प्रयोगशालाओं की जरूरत होती है, इसके लिए सीबीएसई से पहले अनुमति लेनी पड़ती है।
लगभग ढाई हजार विद्यार्थियों को मिलेगा स्कूलों का फायदा
तीन नए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के खुलने और ग्यारहवीं में कला संकाय के लिए छह स्कूलों में सीटें बढ़ाने का फायदा लगभग ढाई हजार बच्चों को होगा। स्कूल में अभी तक 40 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ग्यारहवीं की 12815 सीटें थीं। 12815 सीटों पर पिछले वर्ष 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया था।