इनके अलावा सुरेश, सुरेंद्र, राकेश, जयपाल, प्रदीप, तीर्थ की पहले मौत हो चुकी है। वहीं बीमार लोगों की संख्या 30 हो चुकी है। इनमें 13 प्रवासी मजदूर और 17 ग्रामीण हैं। ग्रामीणों में प्रेम, नरेश, जोगेंद्र, अजीत, सुरेंद्र, सोमबीर, नवीन, रणधीर, सुरेंद्र, विनोद, वेद, मांगेराम, मनोज, अशोक, सुरजीत, मोहन सिंह व सुनील और बिहार निवासियों में भोकाल, सुलेंद्र, गुलाब चंद, रामप्रसाद यादव, दलीप, बबलू, सिकंदर, धारून, मनोज, रामचंद्र, सुभाष, रामनारायण व रामपुकार यादव अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
रातभर सड़क पर शव लेकर बैठे रहे ग्रामीण, 19 घंटे बाद खोला जाम
गांव गुमड़ में गन्नौर-गोहाना मार्ग पर शाम चार बजे दो लोगों के शव रखकर जाम लगाने वाले ग्रामीण रातभर सड़क पर बैठे रहे। ग्रामीणों को एसडीएम सुरेंद्र पाल, डीएसपी जोगेंद्र राठी व थाना प्रभारी वजीर सिंह ने सुबह 11 बजे समझाकर जाम खुलवाया। ग्रामीण 25 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग कर रहे थे। इसके बाद प्रदीप, जयपाल व तीर्थ के शवों का गांव में एक साथ अंतिम संस्कार कराया गया। वहीं पुलिस ने रात को रोड जाम करने पर विरेंद्र उर्फ जब्बू, जितेंद्र, चंद्रभान, कर्मबीर, जयबीर सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज किया है।
दो फैक्टरी संचालकों समेत पांच सप्लायर दबोचे
एसआईटी प्रभारी डॉ. रवींद्र के नेतृत्व में सीआईए ने नैना ततारपुर की जहरीली शराब बनाने की फैक्टरी के संचालक गांव सिटावली के अजीत उर्फ जीता व सैदपुर के विक्की को काबू किया है। साथ ही शहर में जहरीली शराब सप्लाई करने के आरोपी शराब ठेकेदार बैंयापुर के सतपाल को गिरफ्तार किया है।
सप्लायर मूलरूप से जींद फिलहाल गढ़ी ब्राह्मणान के सोनू, मूलरूप से झज्जर के परनाला फिलहाल मयूर विहार के साहिल और पांची के पवन को पकड़ा है। साथ ही गुमड़ में शराब बेचने वाले गैर इरादतन हत्या के आरोपी ठेकेदार के भाई राजबीर को पकड़ा है। इस तरह से एक दिन में 12 आरोपियों को पकड़ा गया है।
जहरीली शराब बनाने के आरोपी फैक्टरी संचालक व उसके साथी सप्लायरों को पकड़ा गया है। पुलिस को मामले में काफी अहम सुराग मिल गए हैं। सभी आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया है। जाम लगाना किसी के लिए हितकर नहीं है। शराब पीने के चलते तबीयत बिगड़ने वालों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने को कहा गया है। - जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।