फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाबः एक पूरा गांव कैंसर से पीड़ित, 3 लोग और मरे

Fri, 10 Apr 2015 01:33 PM IST
महिंदर सिंह/अमर उजाला,मोगा
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब के मोगा जिले में एक ऐसा गांव है, जहां जानलेवा बीमारी कैंसर के कारण तीन और लोगों की मौत हो चुकी है। एक साल में 50 लोग दम तोड़ चुके हैं। ये गांव है बाघापुराना सब डिवीजन के गांव माड़ी मुस्तफा।
विज्ञापन


यहां कैंसर एवं काला पीलिया का कहर जारी है। लीवर के कैंसर से यहां दो दिन में तीन और मौतें होने से हाहाकार मच गया है। पिछले एक साल में यहां कैंसर से 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन विभाग जांच किट की कमी का रोना रोकर पल्ला झाड़ता रहा। अब सिविल सर्जन डॉ. रेणु मंगला ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गांव माड़ी मुस्तफा में टीम भेजी है।

गांव माड़ी मुस्तफा के समाजसेवी गुरतेज सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि बुधवार को गांव की सहकारी सभा के प्रधान राजबीर सिंह, बीकेयू नेता निर्मल सिंह दीवान और वीरवार को बलबीर सिंह (45) की लीवर कैंसर से मौत हो गई।
विज्ञापन


इन तीनों का अलग-अलग अस्पतालों में कैंसर का इलाज चल रहा था। बता दें कि केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला ने गांव में कैंसर और पीलिया मरीजों की बढ़ी संख्या के मद्देनजर केंद्रीय टीम भेजने का ऐलान किया था लेकिन वह भी केवल घोषणा तक ही सीमित रह गया।

हर तीसरा शख्स मरीज

गुरतेज सिंह ने दावा किया कि गांव में बीते एक वर्ष के दौरान कैंसर से 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि पिछले तीन महीने में इस बीमारी से पीड़ित 10 लोगों ने दम तोड़ा है। उन्होंने कहा कि गांव के हर तीसरे घर में किसी न किसी भयानक बीमारी से पीड़ित मरीज हैं। दावा किया कि गांव के किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री राहत कोष में से भी कोई मदद नहीं मिली।
-----------------------
दूषित पानी से फैला कैंसर
समाजसेवी ने बताया कि दूषित पानी से फैलने के बाद में गांव में से पानी के सैंपल लिए गए हैं और गंदे पानी की निकासी के लिए सीवरेज डालने को ग्रामीणों ने तकरीबन सात लाख रुपये जमा करवा दिए हैं लेकिन सीवरेज का काम शुरू नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान, धरमवीर गांधी और साधू सिंह ने भी गांव का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली थी।
------------------
जमीन बेच करवा रहे इलाज
कैंसर का इलाज महंगा होने के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर हो रहा है लेकिन फिर भी लोग कर्ज या जमीन बेच कर महंगा इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। सेहत विभाग ने मरीजों की जांच और इलाज के लिए हाथ खड़े  कर दिए हैं।
विज्ञापन

किटों की कमी, सर्वे न हो सका पूरा

मरीजों की संख्या बढ़ने पर सेहत विभाग की टीम ने तकरीबन 394 संदिग्ध मरीज लोगों के नमूने हासिल किए थे। इनमें से 23 को काला पीलिया (हैपेटाइटिस सी) और 9 को काला पीलिया-बी (हैपेटाइटिस बी) और 8 कैंसर मरीजों की पुष्टि हई थी। इसके अलावा गांव में कुल 77 में से 14 मौतें कैंसर और दो मौतें काला पीलिया से होने की पुष्टि की थी। बाद में अचानक सेहत विभाग ने नमूने लेने के लिए किटें न होने की बात कह सर्वे बंद कर दिया था।

----------------------
कोट
सरकार अपने स्तर पर कैंसर के इलाज के लिए पूरे प्रबंध कर रही है। फिर भी यदि कहीं कोई कोताही सामने आती है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी।
सुरजीत कुमार ज्याणी, सेहत एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब
------------------------
पिछले साल 29 नवंबर को केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री विजय सांपला ने माड़ी मुस्तफा का दौरा कर बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक कोई टीम नहीं पहुंची।
गुरतेज सिंह, समाजसेवी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें