हरियाणा में बेमौसम बारिश से बर्बाद फसलों को देख सदमे से शनिवार को तीन और किसानों की मौत हो गई।
सोनीपत जिले के गोहाना और हिसार जिले के नारनौंद हलके में अलग-अलग दो किसानों की हार्ट अटैक से मौत हो गई, वहीं जींद जिले में एक किसान ने फांसी लगा ली। तीनों फसल बर्बादी देख तनाव में थे और कर्जदार थे। प्रदेश में इस तरह से अब तक 19 किसान जान गंवा चुके हैं।
गोहाना निवासी सतबीर (63) शनिवार सुबह खेतों में काम करने के लिए गया था। वह घर नहीं लौटा तो परिजन खेत पहुंचे। वहां देखा कि सतबीर मृत पड़ा था। परिजनों के अनुसार फसल खराब होने के कारण सतबीर पिछले कुछ दिनों से परेशान था। सतबीर के पास दो एकड़ जमीन अपनी थी और आठ एकड़ ठेके पर ले रखी थी। उसने सोसायटी व आढ़तियों से दस लाख रूपए का कर्ज भी लिया हुआ था।
इसी प्रकार हिसार जिले में माजरा निवासी 60 वर्षीय किसान रणबीर सिंह की भी खेत में फसल देख दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। रणबीर सिंह ने छह एकड़ फसल लगा रखी थी। और उस पर काफी कर्ज था।
फंदे पर लटका मिला
जींद जिले के गांव शामलो कलां में राजेराम(55) ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार राजेराम ने छह एकड़ में गेहूं की फसल लगा रखी थी, जो बेमौसम बारिश के कारण सारी खराब हो गई। इस कारण वह परेशान था।