यूटी प्रशासन ने 58 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम उम्र के सभी डॉक्टरों को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया है। इन सभी डॉक्टरों की सेवा एक अक्तूबर से 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाई गई है। प्रशासन ने पंजाब सरकार के आदेश का चंडीगढ़ में विस्तार किया है।
प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार वह सभी विशेषज्ञ डॉक्टर जो 60 वर्ष की उम्र को पार कर चुके हैं और 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो चुके हैं वह दिशा-निर्देशों व शर्तों के तहत नौकरी कर सकते हैं। इसके अलावा 58 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम उम्र के सभी डॉक्टरों को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया है।
गौरतलब है कि कोरोना की जांच के लिए निजी लैब संचालकों की ओर से वसूले जाने वाले शुल्क भी वीरवार को नए सिरे से तय कर दिए गए हैं। कोई भी निजी लैब संचालक अगर तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूलते पकड़े गया तो उनके खिलाफ कोरोना महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने आरटीपीसीआर तकनीक से कोरोना की जांच के लिए 1200 रुपये (प्रति जांच) और रैपिड एंटीजन तकनीक से जांच के लिए 650 रुपये (प्रति जांच) का शुल्क तय किया है। आदेश का पालन न करने पर आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।