चंडीगढ़। सेक्टर-11 स्थित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक नाइजीरिया और दूसरा सेनेगल का रहने वाला है। तीसरा युवक सेक्टर-38 वेस्ट चंडीगढ़ निवासी है जिसका नाम दीपक थापा है। आरोपियों से 105 ग्राम कोकीन और 20 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसपी केतन बंसल ने बताया कि 16 फरवरी को एएनटीएफ थाना पुलिस सेक्टर-40 स्थित चर्च के पास गश्त पर थी। इसी दौरान दीपक थापा दिखा। संदेह होने पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उससे 20 ग्राम कोकीन बरामद हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू की। उसने बताया कि वह दिल्ली में रहने वाले नाइजीरिया और सेनेगल के युवकों से कोकीन खरीदता है और यहां पर महंगे दाम पर बेचता है। पुलिस ने एक टीम को तैयार कर दिल्ली के विकास नगर में दबिश दी और दो युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी डेनियल और सेलेगल निवासी चार्ली सांगा के रूप में हुई। दोनों से 84 ग्राम कोकीन और 20 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। एसपी केतन बंसल ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी कि वे विदेश से कोकीन और हेरोइन किस तरह लेकर आते हैं।
पुलिस ने 14 विदेश अधिनियम के तहत की कार्रवाई
जांच में सामने आया है कि दोनों विदेशी आरोपी यहां पर अवैध रूप से रह रहे थे। चार्ली सांगा का वीजा जुलाई 2023 में एक्सपायर हो चुका था। डेनियल को नाइजीरियन पासपोर्ट पर भारत का वीजा नहीं मिला तो वह घाना से फर्जी मेडिकल वीजा लेकर भारत आ गया। दोनों के यहां अवैध रूप से रहने के कारण पुलिस ने उनके खिलाफ 14 फॉरेनर्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है।
जेल में तस्करों से जुड़ा था थापा
दीपक थापा पर नयागांव निवासी विशु की हत्या का आरोप लगा था। उस मामले में वह पटियाला जेल में बंद रहा था। जेल में ही उसकी मुलाकात नाइजीरिया निवासी ओला के साथ हुई थी। वह एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद था। जेल से बाहर आने के बाद भी दीपक थापा ओला के संपर्क में रहा और नशा तस्करी का काम शुरू कर दिया।