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यौन उत्पीड़न का दंश दुनिया को दिखाएंगी बेटियां

Thu, 18 Dec 2014 09:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
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भिवानी के बवानीखेड़ा के बीके सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बेटियां जल्द ही विभिन्न कार्यालयों, संस्थान में यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही युवतियों, महिलाओं को चुप्पी साधकर उत्पीड़न सहन करने की बजाए आवाज बुलंद करने का संदेश देती नजर आएंगी। दरअसल ये बेटियां यौन उत्पीड़न के खिलाफ एक डॉक्यूमेंट्री बना रही है। यह डॉक्यूमेंट्री आगामी 19 दिसंबर को हिसार में होने वाली लीगल लिटरेसी सेल की प्रतियोगिता में प्रदर्शित की जाएगी।
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टीवी चैनल, न्यूज चैनल पर लगातार दिखाई जा रही यौन उत्पीड़न के समाचारों के बाद बीके सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने जागरुकता फैलाने की योजना बनाई। वाइस प्रिंसिपल विजय जांगड़ा के नेतृत्व में छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरुकता के लिए डॉक्यूमेंट्री बनाने का निर्णय लिया।

आठ मिनट की डॉक्यूमेंट्री में भिवानी, हिसार के यौन उत्पीड़न का कुछ डाटा भी दिखाया जाएगा। साथ ही इसमें कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी, जिला संरक्षण अधिकारी हरबंस कौर, खिलाड़ी गीतिका जाखड़, अधिवक्ता पूनम सांगवान व कुछ अन्य अधिकारियों से भी इस विषय में बातचीत की है।
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इसमें इसके खिलाफ कैसे आवाज उठाएं और कहां शिकायत करें की भी जानकारी दी गई है। छात्राएं डॉक्यूमेंट्री तैयार करने के लिए वीडियो कैमरा लिए लघु सचिवालय में अधिकारियों के पास पहुंच रही है।
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खुद ही करने होंगे बचाव के लिए प्रयास

10वीं कक्षा की रिशिता व रितिका, 12वीं कक्षा की छात्रा मोनिका, प्रीति व नेहा ने कहा कि वे अक्सर यौन उत्पीड़न की घटनाओं के बारे में सुनते है।

अब किसी और के साथ न हो इसलिए यौन उत्पीड़न विषय पर डोक्यूमेंट्री फिल्म बनाने का निर्णय लिया। इस फिल्म में हम संदेश देंगी कि कोई मदद के लिए आएगा यह उम्मीद छोड़कर खुद ही सुरक्षा व उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

लगातार बढ़ रहे हैं यौन उत्पीड़न के केस
यौन उत्पीड़न के मामले पूरे देशभर में लगातार बढ़ रहे हैं। छात्राओं के साथ लघु सचिवालय पहुंचे स्कूल के वाइस प्रिंसिपल विजय जांगड़ा ने बताया कि यौन उत्पीड़न आज एक बहुत बड़ा विषय है। देशभर में युवतियां, महिलाएं यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही है। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में छात्राएं भी अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रही।
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जागरुकता से ही रोकी जा सकती है घटनाएं
यौन उत्पीड़न की घटनाओं को जागरुकता से ही रोका जा सकता है। डोक्यूमेंट्री फिल्म बनाकर बेटियां जागरुकता के लिए अच्छी पहल कर रही है। इस तरह की घटनाओं का विरोध करना चाहिए और इसकी उन्हें या पुलिस में शिकायत दी जा सकती है।
- हरबंस कौर, जिला संरक्षण अधिकारी।
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