यमुना नदी में नहाने के लिए सभी छात्र करीब दस बजे गए थे। 11 बजे ग्रामीणों को सूचना मिली गई थी। तभी से शाम तक पूरा गांव नदी के किनारे खड़ा था। इस दौरान पुलिस भी मौजूद थी। बता दें कि अभी भी यमुना में पानी है और पानी का बहाव तेज है।
पांच घंटे तक ग्रामीण ही तीनों छात्रों को यमुना में तलाशते रहे लेकिन उन्हें कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति रोष जताया कि तीन बच्चों के डूबने पर भी प्रशासन सोया हुआ है। कोई मदद नहीं कर रहा और न गोताखोर भेजे हैं।
प्रशासन नहीं है गंभीर
जिले में नहर व नदी में डूबने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे हैं। जो नहर व नदी में नहाने जाते हैं और पानी के तेज बहाव के कारण डूब जाते हैं। 20 अप्रैल को शेरगढ़ टापू के समीप यमुना नदी में 20 वर्षीय घीड़ निवासी कमल बह गया था। वह भी अपने दोस्तों के साथ यमुना में नहाने के लिए आया था। इसी प्रकार घोघड़ीपुर गांव में भी दो तीन में तीन व्यक्ति नहर में डूब गए थे।
स्कूल में पढ़ने वाले छह छात्र यमुना में नहाने गए थे। इनमें से तीन छात्र पानी में बह गए हैं। यह सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। तीनों बच्चों की तलाश की लेकिन यमुना के पानी में कोई सुराग नहीं लगा। - राकेश कुमार, कुंजपुरा थाना प्रभारी।