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सेवा संभालने से तीन दिन पहले मैनेजर ने निकाले थे छह लाख

Fri, 15 Aug 2014 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
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गुहला चीका के गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी और नौवीं, चीका के प्रबंधक दविंद्र सिंह ने हरियाणा कमेटी द्वारा सेवा संभालने से तीन दिन पहले गुरुद्वारे के बैंक खाते से छह लाख रुपये निकलवाए थे।
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हरियाणा कमेटी के प्रवक्ता एवं गुरुद्वारे के पूर्व प्रधान मेजर सिंह ने बताया कि एसजीपीसी के इशारे पर यह पैसा खाते से निकाला था, ताकि हरियाणा कमेटी के सिर पर इसकी लूट का दोष मढ़ दिया जाए।

उन्होंने कहा कि भेद खुलने के बाद मैनेजर कह रहे हैं कि लंगर के खर्चे के लिए यह पैसा निकाला था, लेकिन सबको पता है कि लंगर के लिए एकमुश्त इतना पैसा निकालने की कोई जरूरत ही नहीं थी।
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छह अगस्त को हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा लिया था।

इस कार्रवाई के दौरान मैनेजर दविंद्र सिंह सहित तमाम 13 कर्मचारी गुरुद्वारा छोड़कर चले गए थे। हालांकि बाद में मैनेजर दविंद्र सिंह और अकाउंटेंट को छोड़कर बाकी सारे मुलाजिम वापिस लौट आए थे।

तीन अगस्त को निकाले थे पैसे
प्रबंध संभालने के बाद जब हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारे के खातों को खंगाला तो पता चला कि तीन अगस्त को मैनेजर दविंद्र सिंह व एसजीपीसी के एक गुरुद्वारा सेक्रेटरी के दस्तखतों से स्टेट बैंक आफ पटियाला की चीका ब्रांच से छह लाख रुपये निकाले गए हैं।

मेजर सिंह ने आरोप लगाया कि सिर्फ बैंक खाते को ही खाली नहीं किया गया, उसी दिन गुल्लक से भी पैसे निकाल लिए गए। इसके अलावा गुरुद्वारा साहिब परिसर की दुकानों का किराया भी इकट्ठा कर लिया गया। एक मैनेजर को इतनी बड़ी राशि पास रखने का अधिकार नहीं है। उसने किस के इशारे पर अपनी नौकरी दांव पर लगाई, इसकी जांच होनी चाहिए।

अधिकतम पांच हजार रखने का अधिकार
गुरुद्वारा साहिब में 30 साल तक प्रबंधक के रूप में काम कर चुके जत्थेदार हरपाल सिंह ने बताया कि एक गुरुद्वारा मैनेजर अधिकतम पांच हजार रुपये की नकदी अपने पास रख सकता है।

उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा साहिब के पास खेती की जमीन है, जिसका ठेका अप्रैल मई में मिलता है। इस पैसे से सारा साल गुरुद्वारा साहिब के खर्चे चलते हैं।

खाते सील होने के डर से निकलवाए पैसे : मैनेजर
मैनेजर दविंद्र सिंह ने कबूल किया कि उन्होंने बैंक खाते से छह लाख रुपये निकलवाए थे। दविंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा कमेटी द्वारा खाते सील करवाने संबंधी बयान अखबारों में आ रहे थे।

इसके डर से उन्होंने छह लाख निकलवाए थे, ताकि संगत के लंगर की दिक्कत ना आ सके। मैनेजर ने कहा कि वे गुरुद्वारा छोड़ते वक्त सारा पैसा रिकार्ड रूम के लॉकर में छोड़ आए थे, जिसकी चाबी उनके पास ही है।

अंदेशा था सही निकला : नलवी
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने कहा कि चीका गुरुद्वारा साहिब के खाते से निकलवाई गई छह लाख रुपये की राशि तुरंत वापिस खाते में जमा करवाई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा कमेटी पहले ही अंदेशा जता चुकी है कि बादल दल की एसजीपीसी के लोग हरियाणा के गुरुद्वारों का धन बटोरकर ले जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैनेजर दविंद्र सिंह के कहे अनुसार अगर वाकई यह पैसा गुरुद्वारे के रिकार्ड रूम के लाकर में है तो मैनेजर आकर ताला खोले और इस पैसे को गुरुद्वारे के खाते में जमा करवाएं।
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