पंजाब के नंगल में सतलुज नदी के तेज बहाव में आकर तीन बच्चों के बह जाने की जानकारी मिली है। हालांकि एक बच्चे को घटनास्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। दो बच्चों की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। गोताखोरों की टीमें दोनों की तलाश में जुटी हैं। लापता दोनों बच्चों के कपड़े और साइकिल नदी किनारे मिले हैं। इस घटना के बाद गांव तलवाड़ा व वार्ड नंबर एक में सन्नाटा पसरा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम तीनों दोस्त शब्द पुत्र सतनाम, अंशुल पुत्र रोहित थापा निवासी वार्ड नंबर एक और जत्ती पुत्र हरीश कुमार निवासी गांव तलवाड़ा सतलुज नदी में नहाने गए। नहाते वक्त पानी के तेज बहाव में बह गए। वहां से लगभग ढाई किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्मी नारायण मंदिर के निकट कुछ महिलाओं ने जत्ती को डूबते देखा और शोर मचा दिया।
कुछ साहसी युवकों ने उसे बचा लिया लेकिन शब्द व अंशुल का फिलहाल कोई पता नहीं चला, उन्हें ढूंढने के लिए सुबह से ही गोताखोरों की टीमें लगी हुई हैं। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन चौधरी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही एएसआई सोहन सिंह की टीम को मौके पर भेज दिया था और बुधवार सुबह होते ही लापता बच्चों को ढूंढने के लिए गोताखोरों को लगा दिया है।
दो बहनों का इकलौता भाई है शब्द
घटनास्थल पर मौजूद बीबीएमबी में काम करने वाले शब्द के पिता सतनाम ने बताया कि मंगलवार ड्यूटी के बाद घर आकर जब वह धार्मिक डेरे जाने लगा तो उन्होंने अपनी पत्नी से शब्द के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह दोस्तों के साथ गया है, इसलिए वे अकेले ही डेरे चले गए। उन्हें फोन पर इस हादसे की जानकारी मिली। सतनाम के अनुसार शब्द रोजाना उनके साथ डेरे माथा टेकने जाता था, वह अपनी दो बहनों का इकलौता भाई है।
घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पंहुचे नंगल नगर काउंसिल के चेयरमैन संजय साहनी, पूर्व पार्षद विजय कौशल, लखवीर सिंह लक्की ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान से प्रार्थना करते हैं कि दो लापता बच्चे भी सुरक्षित मिल जाएं।