जब वे अंदर पहुंचे तो पांच वर्षीय मासूम शिवम की मौके पर मौत हो गई थी। लोगों ने बुरी तरह झुलसी चार वर्षीय रोशनी और दो वर्ष के बिराज को सरकारी अस्पताल सिंहपुर पहुंचाया। हालत नाजुक देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। सिराज ने रास्ते में दम तोड़ दिया और रोशनी की कुछ देर के बाद पीजीआई में मौत हो गई।
पीड़ित परिवार की रिश्तेदार सीना ने बताया कि लकड़ियां लेने गई मां सो रहे बच्चों की हिफाजत के लिए जाते समय झुग्गी का दरवाजा लगाकर गई थी। उसने रोते हुए कहा कि अगर दरवाजा न लगा होता तो शायद बच्चे बच सकते थे।
सभी ने की मदद
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हरिंद्रजीत सिंह और थाना प्रभारी राजीव चौधरी ने बच्चों के इलाज के लिए पांच-पांच हजार रुपये दिए। आसपास के लोगों ने भी पैसे इकट्ठे कर बच्चों के पिता को दिए। हालांकि बच्चे बच नहीं पाए। थाना प्रभारी का कहना है कि आग शार्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।