मामला सीमावर्ती गांव समराला का है, जहां दोपहर एक बजे अचानक बाढ़ आ गई। इस दौरान सभी गुज्जर परिवार वहां से मवेशियों सहित निकल गए। लेकिन दो व्यक्ति अपने मवेशियों के साथ वहीं फंस गए। देखते ही देखते जलस्तर कई फीट तक पहुंच गया। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और उन्हें वहां से निकालने का प्रयास किया।
दोनों व्यक्तियों की पहचान मस्कीन अली और शोंकूद्दीन के तौर पर हुई है। ड्रेनेज विभाग के अनुसार नदी में अचानक 1.45 लाख क्यूसेक पानी आ गया, जिससे बाढ़ के हालात बन गए। शाम पांच बजे तक दोनों व्यक्ति बाढ़ में फंसे थे। उक्त लोगों के रिश्तेदार बाग हुसैन ने बताया कि मस्कीन और शोंकूद्दीन नदी के पास पशु चरा रहे थे।
लौटते वक्त अचानक जलस्तर बढ़ गया और वह वहीं फंस गए। वहीं, बमियाल चौकी प्रभारी तरसेम सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे अन्य परिवारों को सुरक्षित स्थानों के लिए रवाना कर दिया है और फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मानसून की पहली बरसात ने स्मार्ट सिटी लुधियाना की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को बारिश के चलते पूरे शहर में पानी भर गया। सबसे गंभीर हालात बुड्ढा दरिया के हैं। बुड्ढा दरिया ओवरफ्लो होकर शहरी एरिया में दो जगह पर टूटने की कगार पर पहुंच गया था। सही समय पर मिट्टी डालकर इसे किसी तरह से रोका गया। निगम कमिश्नर से लेकर सभी अधिकारी अब बुड्ढा दरिया पर पैनी नजर बनाए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को लुधियाना और इसके आसपास क्षेत्र में बारिश होने की पूरी संभावना है। शहर में चाहे मेयर बलकार संधू का वार्ड हो या फिर अन्य पार्षदों का, हर जगह पर पानी भरा है। पानी भरने से मुख्य रोड पर ट्रैफिक ठप हो गया। निगम के अधिकारी शहर में घूम कर हालात का जायजा ले रहे हैं।
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग हेड प्रभजोत कौर का कहना है कि मंगलवार को सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान था। दोपहर तक 122 एमएम बारिश हुई। बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान है।