चंडीगढ़। नगर निगम राजस्व बढ़ाने के लिए शहर के पांच कम्युनिटी सेंटरों को आउटसोर्स करने जा रहा है। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया गया था। तीन कंपनियों ने वर्तमान दाम पर ही कम्युनिटी सेंटर चलाने में रुचि दिखाई है। अब नगर निगम रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार करेगा, जिसमें नियम और शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे सेवाओं में सुधार के साथ निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
कुछ दिन पहले निगम ने पीपीपी मोड पर सेक्टर-37, 38 (वेस्ट), 40, 49 और 50 के कम्युनिटी सेंटर को आउटसोर्स करने के लिए ईओआई जारी किया था। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि कम्युनिटी सेंटर को चलाने में काफी ज्यादा खर्च हो रहा है लेकिन उनसे उतनी आमदनी नहीं आ पा रही है। जिन पांच कम्युनिटी सेंटर को पीपीपी मोड पर आउटसोर्स करने की योजना बनाई गई है, वह शहर के सबसे अच्छे और बड़े कम्युनिटी सेंटर है। सदन की बैठकों में भी यह मुद्दा उठा था। इसके बाद ही निगम ने आउटसोर्स करने के लिए ईओआई जारी किया था। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अच्छा रिस्पांस आया है। तीन एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। अब आरएफपी तैयार किया जाएगा। संबंधित विभाग को निर्देश भी दिए जा चुके हैं। आरएफपी में ही कम्युनिटी सेंटर को चलाने के लिए नियम व शर्तें तय की जाएंगी। इसके अलावा निगम ने सेक्टर-51 में कम्युनिटी सेंटर बनाने के लिए डिजाइन करने, इसका निर्माण, संचालन, रखरखाव और हस्तांतरण के लिए भी ईओआई जारी किया है।
140 में से 102 बार फ्री में बुक हुआ सेक्टर-37 का कम्युनिटी सेंटर
नगर निगम के अधिकारियों की शिकायत है कि अच्छे कम्युनिटी सेंटर सीजन में फ्री में बुक किए जा रहे हैं। जिसकी वजह से बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। उदाहरण के लिए, सेक्टर-37 का कम्युनिटी सेंटर काफी बड़ा और अच्छा है। इसको बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च हुए थे लेकिन 2024 में 140 दिन की बुकिंग में से यह 102 दिन फ्री में बुक हुआ था। इसकी वजह से नगर निगम को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा, इसलिए ही इन पांच कम्युनिटी सेंटर को निजी हाथों में देखकर निगम को मोटे कमाई का अनुमान है। बता दें कि पार्षदों के सिफारिश पर कुछ विशेष कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग फ्री हो जाती है, जिसका लाभ उठाते हुए कई लोग मुफ्त में कम्युनिटी सेंटर बुक करा लेते हैं।