पीड़िता के पिता ने शुक्रवार को एसआईटी चीफ से मुलाकात करके बताया कि उनके परिवार सहित उन लोगों को धमकियां दी जा रही है जो कि इस घटना के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर उनके परिवार के साथ थे। उन्होंने बताया है कि धमकियां उन परिवार द्वारा दी जा रही है जिनके बच्चों को आरोपियों से संपर्कों के आधार पर हिरासत में लिया गया था।
इस घटना की जानकारी के बाद कोसली थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह गांव में पहुंचे। उन्होंने बताया कि गांव के लोग इस तरह की अफवाहों पर कोई ध्यान नहीं दें। उन्होंने गांव के लोगों से त्योहार के मद्देनजर गांव में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा परिवार को सुरक्षा का भी आश्वासन दिया गया है।
पीड़िता के घर पर पीसीआर तैनात
हालांकि, पीड़िता का कहना है कि किसी ने भी उनको सामने आकर अथवा घर पहुंचकर धमकी नहीं दी है लेकिन गांव में जहां आठ-दस लोगों का समूह बैठता है वहां इस तरह की बात कही जा रही है। इसकी जानकारियां मुझे चार-पांच दिन से मिल रही है जिसमें उन्होंने कहा है कि इनके हिमायतियों को दीपावली का त्योहार नहीं मनाने देंगे। पीड़ित के परिवार द्वारा एसआईटी चीफ से मिलने के बाद सुरक्षा और भी बढ़ा दी गई है। पहले पीड़िता के घर पर दो कांस्टेबल तैनात थे लेकिन अब वहां पर पीसीआर को तैनात कर दिया गया है।
गांव के लोगों से मुझे पता चला है कि इस मामले में जिन युवकों को पूछताछ के लिए उठाया गया था उनके द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी जा रही है। जब यह बात मेरे पास पहुंची तो मैंने एसआईटी चीफ को मौखिक रूप से अवगत कराया है। -पीड़िता के पिता
फिलहाल धमकी की कोई बात नहीं आई है। त्योहार के मद्देनजर गांव में पहुंचकर लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की गई है। परिवार की सुरक्षा को लेकर हम पहले ही गंभीर हैं।-सतेंद्र सिंह, कोसली थाना प्रभारी