बहुचर्चित कठुआ मामले में दूसरे गवाह के बयान भी कलमबद्ध किए गए। कोर्ट ने एक आरोपी को कठुआ से जम्मू शिफ्ट करने की मांग को नकार दिया। इसके अलावा शुक्रवार को बचाव पक्ष के वकील असीम साहनी ने बताया कि बचाव 16 वकीलों ने अर्जी देकर कहा कि कश्मीर न्यूज जोन श्रीनगर और सोशल मीडिया पर उनको धमकियां मिल रही हैं और कहा जा रहा है कि उनका हश्र भी पत्रकार शुजात बुखारी जैसा होगा।
कठुआ कांड में बचाव पक्ष के वकील असीम साहनी ने बताया कि जिला सेशन जज तेजिंदर सिंह की अदालत में शुक्रवार को दूसरे गवाह से दो वकीलों ने जिरह की और इसके बाद उसके बयान भी कलमबद्ध कर लिए गए। उसे लेकर अब तक सिर्फ दो गवाहों के बयान ही कलमबद्ध हो पाए हैं। अभी 219 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। बता दें कि शनिवार से अदालत का काम बंद हो जाएगा और अब कोर्ट 2 जुलाई को खुलेगी।
असीम साहनी ने बताया कि एके साहनी, एनी मास्टर मोहन लाल समेत 16 वकीलों ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि कश्मीर न्यूज जोन श्रीनगर, फेसबुक, ट्विटर आदि पर उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वकीलों को गद्दार करार दिया जा रहा है, गालियां निकाली जा रही हैं और कहा जा रहा है कि उनका हश्र भी पत्रकार शुजात बुखारी जैसा होगा। असीम ने बताया कि यह याचिका उन्होंने जज के समक्ष पेश कर दी है परंतु वे इसकी अर्जी सुप्रीम कोर्ट में लगाएंगे। क्योंकि जम्मू कश्मीर के वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने 7 मई को हमें आश्वासन दिया था कि डिफेंस वकील, आरोपियों सहित किसी को भी कोई खतरा नहीं है।
पुलिस पर सिक्योरिटी हटाने का आरोप
असीम साहनी ने आरोप लगाया कि उनके पिता एके साहनी के पास 1995 तथा उनके पास 2008 से एक- एक सिक्योरिटी गार्ड मिला हुआ था। इस केस की पैरवी करने के बाद एडीजीपी मुनीर खां ने उनकी सिक्योरिटी वापस ले ली। इस संबंधी डीजीपी जम्मू एसपी वैद ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है इस संबंधी मुनीर खां से बात करें। जबकि मुनीर खां से बात नहीं हो पाई।