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बुड़ैल जेल में कैद राजन भट्टी पर फ्रॉड का केस दर्ज, बरामद हुआ मोबाइल फोन

Sun, 17 Jun 2018 12:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जेल
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बुड़ैल जेल में बंद शातिर और मोस्ट वांटेड अपराधी राजबीर सिंह उर्फ राजन भट्टी की बैरक से तीन मोबाइल फोन मिले, फ्रॉड का केस दर्ज। मामले में सेक्टर-49 थाना पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है। इससे पहले डीएसपी साउथ हरजीत कौर और सेक्टर-49 एसएचओ जसविंदर कौर ने उससे जेल में जाकर कई घंटे पूछताछ की। वहीं, भट्टी उसके पास से फोन मिलने को लेकर पुलिस अधिकारियों को संतुष्ट जवाब नहीं दे पाया है।
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वहीं, पुलिस ने मोबाइल कंपनियों से उन सिम से की गई कॉल की डिटेल हासिल कर ली है। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है। बुड़ैल जेल में कैदी राजन भट्टी के पास से तीन मोबाइल मिलने पर शुक्रवार को हड़कंप मच गया था। इस पर शनिवार को डीएसपी साउथ और एसएचओ सेक्टर-49 ने उससे जेल में जाकर पूछताछ की। दोनों ने भट्टी से कई घंटे तक पूछताछ की। इसके अलावा बैरक के आसपास रहने वालों से भी पूछताछ की। सेक्टर-49 थाना पुलिस ने राजन भट्टी के पास से बरामद तीनों मोबाइल फोन में लगे सिम की कॉल डिटेल नेटवर्क कंपनियों से हासिल कर ली है।

फिलहाल, पुलिस इसे खंगाल रही है कि आरोपी ने इससे किस-किस को कॉल की थी और वह इसके जरिए किस-किस के संपर्क में था। जेल सूत्रों के अनुसार राजन भट्टी ने अधिकतर कॉल इंटरनेट के जरिए की थी। वह कॉल करने के लिए व्हाट्सअप का इस्तेमाल करता था। इसके अलावा इस इससे व्हाट्सअप पर चैटिंग कर रहा था।
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जैमर के बावजूद कैसे इस्तेमाल कर रहा था मोबाइल
जांच का विषय यह है कि बुडै़ल जेल में प्रशासन ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल न हो सके इसके लिए जैमर लगाए हुए हैं। इसके बावजूद राजन भट्टी फोन का कैसे इस्तेमाल कर रहा था, यह जांच का विषय है। वहीं, सूत्रों से अनुसार जेल के अंदर रहने वाले कर्मचारियों ने अपने फोन पर रोक न लगे इसलिए जैमर का कम इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कभी-कभी तो जेल प्रशासन जैमर का इस्तेमाल ही नहीं करता है। इसका फायदा भट्टी उठा रहा था।

शक के घेरे में जेल स्टाफ
बुडै़ल जेल में आम लोगों की एंट्री बंद है। कैदी अगर पेशी पर बाहर भी जाते हैं तो आने के बाद उन्हें कई स्टेज पर चेकिंग से गुजरना पड़ता है। कई बार चेकिंग के दौरान कैदियों को कपड़े तक उतारने पड़ते हैं। ऐसे में मोबाइल अंदर लेकर जाना असंभव है। इससे साफ है कि भट्टी को तीनों मोबाइल फोन किसी जेल स्टाफ कर्मचारी ने ही मुहैया करवाए हैं। पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है। इसी को लेकर पुलिस ने भट्टी की बैरक के बाहर तैनात होने वाले जेल स्टाफ से भी सवाल जवाब किए हैं।

जो फोन भट्टी के पास से मिले हैं, उसमें लगे सिम राजन भट्टी के नाम पर नहीं हैं। इसलिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 419 और 420 के तहत केस दर्ज किया है। जांच के बाद अगर कुछ और निकलता है तो अतिरिक्त धाराएं केस में जोड़ी जाएंगी।
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- जसविंदर कौर, एसएचओ सेक्टर-49
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