पत्र के लिफाफे पर पंजाब के टंगोरी गांव निवासी परमजीत सिंह का नाम लिखा हुआ है। पत्र लिखने वाले ने पंजाबी और अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया है। पत्र में परमजीत ने लिखा है कि वह मारपीट के मामले में जेल में बंद था। इस दौरान उसकी मुलाकात सुलेमान और हामिद नाम के दो युवकों से हुई। दोनों ने प्रस्ताव रखा कि यदि रुपया कमाना है तो पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट और पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाना होगा।
परमजीत ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी। कुछ दिन बाद दोनों युवकों के साथ वह भी जेल से छूट गया। दोनों युवक उसे हाईकोर्ट व पंजाब सचिवालय लेकर आए। इसके बाद उसे नयागांव में ठहरा दिया। परमजीत ने लिखा है कि वह देशभक्त है, इसलिए वारदात को अंजाम न देते हुए रजिस्ट्रार को जानकारी दे रहा है।
चंडीगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टंगोरी गांव पहुंची, जहां परमजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि उसने धमकी भरे पत्र की जानकारी होने से इंकार कर दिया है। पुलिस के अनुसार, परमजीत के खिलाफ पहले भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
बीते 12 अक्तूबर को हाईकोर्ट में धमकी भरा पत्र बरामद हुआ था। पत्र मिलने के बाद से हाईकोर्ट और पंजाब सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। पत्र किसने लिखा और क्यों लिखा गया है, मामले की छानबीन चल रही है। -चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी