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Chandigarh News: एल्विश से जान का खतरा, कोर्ट में जाने के दौरान पशु प्रेमियों को सुरक्षा का आदेश

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-उनकी शिकायत पर दर्ज एफआईआर में कोर्ट जोन के दौरान गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर को सुरक्षा का आदेश
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-याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर हुआ था एल्विश पर केस, पार्टी में नशे के लिए सांप का जहर इस्तेमाल करने का मामला

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एल्विश यादव व उसके समर्थकों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग को लेकर दो पशु प्रेमियों द्वारा दाखिल याचिका का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने उनकी शिकायत पर दर्ज मामले में कोर्ट में मौजूद रहने के दौरान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है। गाजियाबाद निवासी सौरभ गुप्ता व गौरव गुप्ता ने एडवोकेट अनिरुद्ध सिंह शेरा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि वह पीपल्स फॉर एनिमल के लिए काम करते हैं और पशु प्रेमी हैं। उन्होंने एल्विश यादव का वीडियो जारी किया था जिसमें वह लगभग 50 अन्य लोगों के साथ विभिन्न सांपों का उपयोग कर रहे थे जो वन्यजीव अधिनियम के अनुसार निषिद्ध हैं। यह वीडियो गुरुग्राम के सेक्टर-71 स्थित अर्थ आइकॉनिक नाम के मॉल में बनाया गया था। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आशंका जताई है कि एल्विश यादव और उनके हमलावर अन्य अवैध गतिविधियों में भी शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनकी शिकायत पर ही एल्विश यादव पर केस दर्ज हुआ था और वह हिरासत में हैं। इस शिकायत के बाद से ही लगातार याचिकाकर्ताओं को धमकी दी जा रही है और उनका पीछा किया जा रहा है। दो बार उनकी कार के सामने कुछ लोगों ने कार लाकर खड़ी कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी। इस बारे में याचिकाकर्ताओं ने पुलिस को शिकायत दी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। बाद में गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात भी की थी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें आशंका है कि यदि उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई तो उनकी भी सिद्धू मूसेवाला व नफे सिंह राठी की तरह हत्या करवाई जा सकती है। एल्विश का राजनीति व स्थानीय पुलिस में बड़ी पहुंच है जिसके चलते उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। याचिकाकर्ताओं को बार-बार जान से मारने की धमकी मिल रही हैं। ऐसे में हाईकोर्ट से अपील की गई कि याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और एल्विस यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया जाए।
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जान को खतरा बताते हुए गाजियाबाद में दी गई रिप्रेजेंटेशन को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए यूपी की अदालत में याचिका दाखिल करने की सलाह दी। गुरुग्राम की अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पर पुलिस कमिश्नर को आवश्यक सुरक्षा मुहैया करवाने का हाईकोर्ट ने आदेश दिया है।
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