चंडीगढ़ में नीट की परीक्षा के 27 केंद्रों पर रविवार को 16 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान गाइडलाइन के नाम पर कई विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-22 स्थित शिशु निकेतन स्कूल में एग्जाम से पहले चेकिंग के दौरान कई छात्राओं के कुर्ते की बाजू काटी गई। कई विद्यार्थियों के ताबीज, कलाई में बांधने वाले धागे और कड़े तक उतरवा दिए गए। इसके बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में जाने की इजाजत दी गई। वहीं अभिभावकों ने रोष जताया कि बच्चों को सीबीएसई की गाइडलाइन के नाम पर तंग किया जा रहा है।
पिता ने काटी कुर्ते की बाजू
सेक्टर-22 स्थित शिशु निकेतन में एग्जाम से एक घंटे पहले उम्मीदवारों का प्रवेश अनिवार्य था। जैसे ही स्कूल का गेट खुला। चेकिंग शुरू हो गई। लुधियाना से आई पलक को वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और ड्यूटी स्टाफ ने रोक दिया। बताया कि आपके कुर्ते की बाजू बड़ी है। इसे काटना होगा। इसके बाद उसने अपने पिता राजकिशोर शर्मा की मदद से कुर्ते की बाजू काटी। वहीं फरीदकोट से आए रेहान अहमद ने बताया कि उनका ताबीज बाहर रखवा दिया गया।
कलाई पर बांधा धागा काटा
सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने आए नालागढ़ के रमेश शर्मा ने बताया कि वह कलाई पर धागा बांधकर आए थे। उसे भी काट दिया गया।
Neet Exam
यह था ड्रेस कोड
नीट की परीक्षा में शामिल होने के लिए सीबीएसई की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार परीक्षार्थी हवाई चप्पल, सेंडल, हाफ टी शर्ट, ट्राउजर, लैगिंग्स, लोअर प्लाजो, सलवार और हाफ स्लीव्स कुर्ता पहनकर एग्जाम देने जा सकते हैं। बडे़ बटन एवं फूल पत्ती वाले कपडे़ पहनकर आने पर रोक थी। सिख स्टूडेंट्स जिन्होंने रिलीजियस कॉलम भरा था, उन्हें कृपाण लेकर एग्जाम देने के लिए जाने दिया। परीक्षा केंद्र में मंगलसूत्र पहनकर आने पर रोक नहीं थी, जबकि बुर्का और साड़ी पहनकर आने पर रोक लगाई गई थी।
वॉल्वो में नहीं मिली जगह, ट्रेनें भी फुल
रविवार को परीक्षा के कारण पंजाब एवं हरियाणा के लिए जाने वाली बसों और ट्रेनाें में भारी भीड़ रही। वहीं यात्रियों को वॉल्वो की टिकट भी नहीं मिली। सेक्टर-17 बस स्टैंड पर दोपहर 1.30 बजे एग्जाम के बाद वॉल्वो बसों में लोगों को जगह नहीं मिल पाई। गुरुग्राम जाने वाले सुनील सिंह ने बताया कि उनका सेंटर जीएमएसएसएस- 10 में था। एग्जाम देने के बाद गुड़गांव जाने केे लिए वॉल्वो बस नहीं मिली। वहीं सेक्टर-43 बस स्टैंड से पंजाब जाने वाली सभी बसों में भारी भीड़ रही। ऊंचाहार एक्सप्रेस, चंडीगढ़- लखनऊ एक्सप्रेस समेत सभी ट्रेनें भी खचाखच भरी रहीं।
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परीक्षा में किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो, इसलिए उम्मीदवारों से सख्ती बरती गई। नियम का पालन करवाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई की ओर से पेन भी दिया गया था। ड्रेस कोड के लिए गाइडलाइन भी लागू की गई थी। अगर किसी से गलत व्यवहार हुआ है तो वह शिकायत दें, हम जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।
- डॉ. जोसेफ सैमुअल, रीजनल डायरेक्टर, सीबीएसई।
क्या कहते हैं शिक्षाविद
सीबीएसई की ओर से एहतियातन गाइडलाइन ठीक नहीं हैं। जैसे धर्म का कॉलम भरने वाले सिख को अंदर जाने की इजाजत दी जाती है। उसी तरह अन्य धर्म के लोगों को भी किसी प्रकार की समस्या न हो। इसके लिए सीबीएसई की ओर से विचार किया जाना चाहिए। भेदभाव ठीक नहीं है।
पूर्व प्रोफेसर डीपी सिंह, पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, सेक्टर-46