1984 के दंगों में उत्तर प्रदेश में अपनी सारी संपत्ति गंवाकर पंजाब आ बसे दंगा पीड़ितों ने मुआवजे के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक दी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और केंद्र सरकार को 2 अगस्त तक इस मामले में पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए पीड़ितों की ओर से इंद्रबीर सिंह छटवाल ने कहा कि दंगों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान हुआ था। इस दौरान पंजाब के साथ ही उत्तर प्रदेश व अन्य हिस्सों में लोगों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था।
ऐसे ही कुछ दंगा पीड़ित उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से दंगों के बाद पंजाब आ गए थे। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से उन्हें 2 लाख रुपये का मुआवजा तो दे दिया गया परंतु केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई 2006 की स्कीम का लाभ नहीं दिया गया। इस स्कीम के तहत पीड़ितों को नुकसान का 10 गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था।
याची की ओर से कहा गया कि अभी तक उन्हें इस स्कीम का लाभ नहीं दिया गया है, जबकि निर्णय के अनुरूप उन्हें 2006 में ही यह लाभ मिल जाना चाहिए था। इस बारे में पीड़ितों की ओर से विभिन्न मामलों में दाखिल याचिकाओं का हवाला देते हुए कहा गया कि कुछ मामलों हाईकोर्ट ने पीड़ितों को 2006 के बाद हुए भुगतान पर ब्याज को भी जोड़ने का जिक्र है।