विजन डॉक्यूमेंट 2030 में स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों को लेकर नेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) ने कई चिंताएं व्यक्त की हैं। इसमें कहा गया है कि शहर के वह लोग, जो निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं, वे भी सरकारी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में इलाज कराने के लिए विभिन्न राज्यों के अलावा विदेश से भी मरीज पहुंच रहे हैं, जिसकी वजह से बोझ बढ़ता जा रहा है।
रिपोर्ट में शहर की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का जिक्र किया गया है और चंडीगढ़ को मेडिकल टूरिज्म के रूप में प्रोत्साहित करने की बात कही गई है। कहा गया है कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने की क्षमता रखने वाले लोग भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, जिसके चलते निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का सही रूप से उपयोग नहीं हो रहा है और सरकारी के मुकाबले निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का कम योगदान है। सिफारिश की गई कि चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम किया जाना चाहिए, ताकि शहर में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सके। अग्रिम स्वास्थ्य सेवाएं जैसे ऑर्गन ट्रांसप्लांट को और भी मजबूत किया जाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से चंडीगढ़ अच्छा है और आसपास के एरिया में भी अच्छी सुविधाएं हैं। यहां विशेष अस्पताल व योग्य डॉक्टर हैं। इसके साथ ही ट्राइसिटी में प्रमुख मेडिकल इंस्टीट्यूट भी है, जिनमें पीजीआई, होमी भाभा कैंसर इंस्टीट्यूट समेत अन्य शामिल हैं।
जमीन सीमित लेकिन बढ़ रही जनसंख्या, इसलिए बढ़ रहा बोझ
रिपोर्ट में कहा गया है कि शहर में 50 प्रतिशत वन और ग्रीन कवर एरिया है। शहर में डेवलपमेंट के लिए ही बहुत ही कम भूमि बची है। यही कारण है कि बढ़ती जनसंख्या के चलते मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर इसका बोझ बढ़ रहा है। सुझाव दिया गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए काम करने की जरूरत है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी कहा गया है, ताकि शहर में प्रदूषण कम किया जा सके। शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कुछ स्कीमें चल रही हैं, जिनमें निधि, साथी और प्रसाद स्कीम शामिल है। बता दें कि विजन डॉक्यूमेंट 2030 को तैयार करने के लिए लोगों के बीच सर्वे हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे लोगों के साथ संवाद किया गया और उनके सुझाव लिए गए हैं। उन सभी को मिलाने के बाद ही विजन डॉक्यूमेंट 2030 तैयार किया गया है।