25 मई से 2 जून तक होने वाली धान की सीधी बिजाई के लिए खेत में पानी की सुचारु आपूर्ति के लिए विशेष बिजली की आपूर्ति की जाएगी। विशेषज्ञ भी कोरोना महामारी के चलते लेबर की कमी के कारण किसानों के लिए धान की सीधी बिजाई को बेहतर विकल्प मान रहे हैं।
ट्यूबवेल पर लगेगी लगाम
इस विधि के प्रयोग से बरसात के पानी को भी रोकने में काफी मदद मिलेगी। इससे सिंचाई में प्रयोग होने वाले ट्यूबवेलों की संख्या में भी कमी आएगी। एक अनुमान के अनुसार राज्य में सिंचाई के लिए 14 लाख से अधिक ट्यूबवेलों का उपयोग किसानों के द्वारा किया जा रहा है।
राज्य में भू-जल का स्तर गिर रहा है, यह चिंताजनक है। धान की सीधी बिजाई की तकनीक गिरते जल स्तर को बचाने में कारगर साबित होगी। सरकार भी इस तकनीक को अपनाने वाले किसानों को सहयोग कर रही है। -डा. बलविंदर सिंह सिद्धू, कृषि कमिश्नर, पंजाब।