फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कम पानी में भी बेहतर खेती करेगा ये रोबोट, बेकार पड़े सामान से छात्रों ने किया तैयार, जानें खूबियां

Fri, 12 Jul 2019 05:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
विज्ञापन
छात्रों द्वारा तैयार रोबोट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

खेती को लेकर नए-नए रिसर्च होते रहते हैं। नए उपकरण भी किसानों की काफी मदद कर रहे हैं। एक ऐसा ही उपकरण बनकर तैयार है। दरअसल, ये एक रोबोट है। जो कृषि लागत में कमी के साथ-साथ किसानों के लिए तरक्की के द्वार खोल सकता हैं! आइए जानते हैं इसके बारे में...

विज्ञापन


खेती के लिए खाद-बीज के अलावा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है पानी। मगर हमारे देश में पानी की मात्रा हर जगह पर एक जैसी नहीं होती। इसकी वजह से कई बार जहां पर ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है वहां पर कम पानी देते हैं और जहां कम पानी की जरूरत होती हैं वहां ज्यादा। किसानों की इसी समस्या का समाधान करने के लिए लुधियाना की सीटी यूनिवर्सिटी के रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर ने स्मार्ट एग्रीकल्चर रोबोट का आविष्कार किया गया है।

एसएआर रोबोट मिट्टी में नमी की कमी महसूस होते ही वहां पर अपनी टैंकी में जमा दो लीटर पानी जमीन में डाल देगा। सीटीयू के अध्यापकों के मार्गदर्शन और बीटेक के क्राइस्टंबर टरू मैन (रोबोटिक्स) और किरण रेड्डी (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) छात्रों द्वारा बनाया गया एसएआर रोबोट बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट का सबसे अच्छा उदाहरण है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

खेती में सहायक होगा रोबोट - फोटो : अमर उजाला
इसमें लगे पहिए और पाइप बेकार समान से बने हैं। एसएआर रोबोट में 3-डी प्रिंटर पार्ट्स, मोटर्स और पहिए हैं। रोबोट का आगे वाला पहिया बेहद लचीला है जो कहीं पर भी आसानी से चढ़ने और उतरने में सहायता करता है। विद्यार्थी किरण रेड्डी ने रोबोट बनाने के तरीके पर विस्तार से जानकारी दी। रोबोट का शरीर स्क्रैप से बनाया गया है। 

इसमें पीवीसी फिटिंग पाइप हैं जो 3-डी मुद्रित जोड़ों के माध्यम से प्रत्येक से आपस में जुड़े होते हैं। रोबोट के जोड़ों को ऑटोडेस्क फ्यूजन 360 में डिजाइन करने के बाद 3-डी प्रिंटर का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही पहियों को 3 डी प्रिंटर, रबर और टायर ट्यूब को मिलाकर बनाया है। टायर की पकड़ को साइकिल टायर ट्यूब से मजबूत किया गया है। 

रोबोट के पीछे बनी टैंकी को सनबोर्ड से बनाया गाया है। जिससे उसमें पानी भरकर आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सके। गौरतलब है कि रोबोट की टैंकी में हमें खुद पानी भारना पड़ेगा फिर एसएआर रोबो पानी जमीन के अंदर डाल सकता है। सीटीयू के वाइस चांसलर डॉ हर्ष सदावर्ती ने कहा कि रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर छात्रों को नए-नए अविष्कार करने के लिए प्रेरित करता है। 

हमारे लिए बेहद गर्व की बात है कि सीटीयू के छात्रों और आरआइसीई की फैकल्टी मिलकर समाज के भलाई के लिए नए-नए अविष्कार कर रहे हैं। सीटीयू के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह ने स्टाफ एवं छात्रों को एग्रीकल्चर रोबोट के लिए बधाई देने के साथ ही उनको भविष्य में भी इस तरह के नई-नई खोज करने के लिए प्रेरित किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें