खेती में सहायक होगा रोबोट
- फोटो : अमर उजाला
इसमें लगे पहिए और पाइप बेकार समान से बने हैं। एसएआर रोबोट में 3-डी प्रिंटर पार्ट्स, मोटर्स और पहिए हैं। रोबोट का आगे वाला पहिया बेहद लचीला है जो कहीं पर भी आसानी से चढ़ने और उतरने में सहायता करता है। विद्यार्थी किरण रेड्डी ने रोबोट बनाने के तरीके पर विस्तार से जानकारी दी। रोबोट का शरीर स्क्रैप से बनाया गया है।
इसमें पीवीसी फिटिंग पाइप हैं जो 3-डी मुद्रित जोड़ों के माध्यम से प्रत्येक से आपस में जुड़े होते हैं। रोबोट के जोड़ों को ऑटोडेस्क फ्यूजन 360 में डिजाइन करने के बाद 3-डी प्रिंटर का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही पहियों को 3 डी प्रिंटर, रबर और टायर ट्यूब को मिलाकर बनाया है। टायर की पकड़ को साइकिल टायर ट्यूब से मजबूत किया गया है।
रोबोट के पीछे बनी टैंकी को सनबोर्ड से बनाया गाया है। जिससे उसमें पानी भरकर आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सके। गौरतलब है कि रोबोट की टैंकी में हमें खुद पानी भारना पड़ेगा फिर एसएआर रोबो पानी जमीन के अंदर डाल सकता है। सीटीयू के वाइस चांसलर डॉ हर्ष सदावर्ती ने कहा कि रिसर्च एवं इनोवेशन सेंटर छात्रों को नए-नए अविष्कार करने के लिए प्रेरित करता है।
हमारे लिए बेहद गर्व की बात है कि सीटीयू के छात्रों और आरआइसीई की फैकल्टी मिलकर समाज के भलाई के लिए नए-नए अविष्कार कर रहे हैं। सीटीयू के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह ने स्टाफ एवं छात्रों को एग्रीकल्चर रोबोट के लिए बधाई देने के साथ ही उनको भविष्य में भी इस तरह के नई-नई खोज करने के लिए प्रेरित किया।