चंडीगढ़। मेयर हरप्रीत कौर बबला के वार्ड में बनाई गई सड़क कुछ ही दिनों में आठ जगहों पर धंसने से निगम की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सेक्टर-27डी की वी-6 सड़क पर निर्माण के तुरंत बाद ही गड्ढे उभरने लगे और कई स्थानों पर पानी भरना शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने भी इसे निर्माण गुणवत्ता में कमी बताया।
विज्ञापन
नगर निगम के इंजीनियरों के अनुसार सड़क के नीचे की मिट्टी कई जगहों से बहुत गीली और दलदली थी। लंबे समय से गाड़ियों की धुलाई होने और पानी के ठहराव की वजह से जमीन के भीतर की मिट्टी सूख नहीं पाती। इंजीनियरों का कहना है कि जब सड़क को खरोंचकर नई परत बिछाई गई तो वह सीधे नमी वाली मिट्टी के संपर्क में आ गई और परत बैठने लगी, जिससे सड़क पर गड्ढे बन गए। जहां-जहां सड़क धंसी है, उन हिस्सों को पूरी तरह दोबारा तैयार किया जा रहा है। पहले जेसीबी से गीली मिट्टी हटाई जा रही है। फिर सतह पर चूना डालकर नमी सोखी जा रही है। उसके बाद मानक के अनुसार नई सड़क बिछाई जा रही है। मेयर हरप्रीत कौर बबला कहा कहना है कि स्थानीय लोगों की शिकायत पर निरीक्षण कराया गया है और अब दोबारा निर्माण मानकों के अनुसार कराया जा रहा है।
विज्ञापन
नई सड़क पर भी पानी भर रहा कुछ स्थानों पर नई बनी सड़क पर अभी भी पानी ठहर रहा है। एक्सईएन अजय गर्ग ने कहा कि इन स्थानों की भी जांच की जाएगी क्योंकि पानी रुकने से सड़क का जल्दी टूटना तय होता है। सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ की सड़कों की बदहाली को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन अध्यक्ष आरके गर्ग ने कहा कि चंडीगढ़ की सड़कें अब गड्ढों में तबदील हो चुकी हैं। प्रशासन जनता के दबाव में गलत मौसम में भी पैचवर्क कर रहा है। सड़क बिछाने के लिए 10 से 32 डिग्री तापमान जरूरी है जबकि अभी 5 से 22 डिग्री तापमान है। बिटुमेन, कंक्रीट सहित सामग्री की गुणवत्ता जांच तक नहीं हो रही। गर्ग ने मांग की कि पीईसी, टीटीटीआई और सीएजी के विशेषज्ञों से स्वतंत्र गुणवत्ता जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही दोषी इंजीनियरों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि जनता को काम में गुणवत्ता चाहिए, प्रचार नहीं। नगर निगम को अपने काम का स्तर सुधारना होगा।