माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। शहर की सड़कों की हकीकत किसी से छिपी नहीं है। जहां लोग गड्ढों और टूटी सड़क पर रोज जूझ रहे हैं वहीं अफसरों के घरों के बाहर की सड़कें चमचमा रही हैं। अमर उजाला ने सड़कों के अभियान के तहत वीरवार को मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा समेत कई अधिकारियों के घरों के बाहर का हाल देखा। फर्क साफ नजर आया कि उनके आवास के आगे की सड़कें एकदम ठीक हैं।
यूटी प्रशासन के आला अफसरों के आवास के बाहर की सड़कों का नजारा बाकी शहर से बिल्कुल अलग है। सेक्टर-7ए में मुख्य सचिव राजीव वर्मा का आवास है। उनके आवास के सामने की सड़क पर कहीं कोई दरार तक नजर नहीं आती। सड़क बिल्कुल नई जैसी दिखती है। कुछ ही दूरी पर मकान नंबर-81 यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा का आवास है। यहां का हाल भी लगभग वैसा ही है। सड़क बिल्कुल चिकनी, साफ-सुथरी और बिना किसी गड्ढे वाली है। इसी तरह सेक्टर-16 में प्रशासन और पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी रहते हैं। डीसी निशांत कुमार यादव, एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के आवास के सामने की सड़कों में कहीं कोई टूट-फूट नहीं है। असल में इन इलाकों में सड़कों की हालत इतनी बेहतर है कि यह कहना मुश्किल है कि चंडीगढ़ की दूसरी गलियों और सेक्टरों में लोग रोज गड्ढों से जूझ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर अफसरों के आवास के आगे सड़कें इतनी आसानी से दुरुस्त हो सकती हैं तो जनता के इलाकों और घरों के बाहर की सड़कों में ऐसा क्यों नहीं हो पाता।
आयुक्त अमित कुमार के आवास के सामने और पास की सड़क में एक भी गड्ढा नहीं
सेक्टर 7 में नगर आयुक्त अमित कुमार के आवास के बाहर की सड़क पूरी तरह से अच्छी है। इसके अलावा आवास से निकलने के बाद जिन रास्तों से ज्यादातर समय उनकी गाड़ी गुजरती है वह भी काफी अच्छी स्थिति में है। सेक्टर-7ए के मकान नंबर 194 में अमित कुमार रहते हैं। इनके आवास के सामने की सड़क बहुत अच्छी स्थिति में है। इसके बाद थोड़ी दूर पर राजभवन के सामने से सेक्टर 7 के मार्केट के लिए जाने वाली सड़क भी काफी अच्छी स्थिति में है। हालांकि यहां केवल अमित कुमार ही नहीं बल्कि कई बड़े अफसरों को सरकारी आवास आवंटित है। अब उनका रसूख इतना ज्यादा है कि यहां की सड़क खराब ही नहीं होती है।
सड़कों को लेकर प्रशासन के अधिकारी भी चिंतित, दिसंबर से पहले बनाने के आदेश
शहर की बदहाल सड़कों को लेकर सिर्फ जनता और नेता ही नहीं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी चिंतित हैं। प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने चंडीगढ़ में इतनी खराब सड़कें कभी नहीं देखीं। शहर में वी-3 सड़कों और अन्य अंदरूनी सड़कों का हाल ज्यादा खराब है। इन्हें हाल ही में नगर निगम ने एजेंडा पास कर प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग को सौंपने का फैसला किया है। इस पर प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम के फैसले को वह स्वीकार करके अपने स्तर पर सड़कों को जल्द ठीक करने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को दिसंबर से पहले सड़कों को ठीक करने के निर्देश भी दे दिए हैं। दरअसल यूटी प्रशासन में कई ऐसे अधिकारी हैं जो कई वर्षों से चंडीगढ़ में कार्यरत हैं। चंडीगढ़ में वर्तमान में गृह सचिव की जिम्मेदारी निभा चुके मनदीप सिंह बराड़ कुछ वर्ष पहले चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर भी रह चुके हैं। ऐसे में उन्होंने चंडीगढ़ में काफी वर्ष काम किया है। उनका भी मानना है कि चंडीगढ़ की सड़कें खराब हैं। इन्हें तत्काल ठीक करने की जरूरत है।