हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुए जाट आंदोलन की आग में जान माल के साथ भाईचारे को भारी नुकसान हुआ। आंदोलन जब जातीय हिंसा में बदला तो सबसे ज्यादा जिंदगियों का नुकसान झज्जर उठाना पड़ा और कारोबार के मामले में सबसे बड़ी क्षति रोहतक को पहुंची।
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झज्जर में 13 लोगों की जिंदगी आंदोलन की भेंट चढ़ गई। इसमें फोर्स की गोली से मरने वाले कुछ लोग उपद्रव में शामिल थे तो कुछ उपद्रवियों के ओर से हुई फायरिंग में मारे गए। बीस फरवरी को जाट आंदोलन के दौरान झज्जर में भयंकर उपद्रव हुआ।
धरना प्रदर्शन, कृषि मंत्री की कोठी में तोडफ़ोड़ और दुकानों-मकानों में आगजनी के दौरान पुलिस फायरिंग, बैंक के गार्ड की ओर से की गई फायरिंग और संघर्ष में कृष्ण निवासी गांव एमपी माजरा, जयवीर, गांव महराणा, दिनेश निवासी छारा चुंगी झज्जर, प्रदीप, देव कालोनी, अर्जुन, अकहेड़ी मदनपुर, संदीप, अकहेड़ी मदनपुर, अजय, आहुलाना, सोनीपत की मौत हो गई। ये सातों श्रीराम धर्मशाला और बस स्टैंड के पास मारे गए थे।
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इसके अगले दिन हिंसा ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया। दिल्ली गेट पर उपद्रवियों ने जमकर तांडव मचाया। गांवों से इकट्ठे हुए करीब 25 हजार लोगों ने शहर में घुसने का प्रयास किया। सेना ने इनको रोकने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि भीड़ में से किसी ने सेना पर फायर किया।
भीड़ को तितर-बितर करने को सेना ने फायरिंग की
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सेना की ओर से भी फायरिंग हुई। इस दौरान रामचंद्र निवासी गांव बुपनिया, जयदीप निवासी महराणा, जयवीर निवासी दुल्हेड़ा इन तीन लोगों की गोली लगने से मौत हो गई।
इसी दिन जातीय संघर्ष में मोहल्ला छावनी में, श्याम सिंह निवासी छावनी मोहल्ला, कृष्ण, छावनी मोहल्ला और अनिल निवासी डीघल की मौत हो गई।
यहां प्रदर्शनकारी आंदोलनकारियों पर कथित तौर पर हुए पथराव के बाद हिंसा भड़की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने घरों में घुसकर उत्पात मचाया। गोलीबारी हुई। जो मिला उसी को मारा गया।
झज्जर में 50 दुकानें फूंकी, कई बैंकों में आग झज्जर शहर में उपद्रव के दौरान 20 व 21 फरवरी को 50 के करीब दुकानों को जलाया गया। इनमें से 20 दुकानें व घर छावनी मोहल्ला में हैं, जबकि 30 के लगभग दुकानें बस स्टेंड मार्केट के पास जलाई गई हैं।
इसके अलावा झज्जर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला व इसके दो एटीएम, पीएबी का एटीएम को जलाया गया है। इसके अलावा कार्पोरेशन बैंक के एटीएम में तोड़ फोड़ की गई है।
उपद्रव के दौरान कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ओर भाजपा नेता आनंद सागर की कोठी में तोडफ़ोड़ की गई। विधायक गीता भुक्कल की कोठी में तोडफ़ोड़ के बाद आग लगाई गई। छोटूराम धर्मशाला, यादव धर्मशाला, सैनी धर्मशाला, जाट चोपाल में तोड़ फोड़ की गई।
सरकारी संपत्ति को नुकसान बिजली निगम कार्यालय, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस एवं कार्यालय, पंचायत भवन, सिंचाई विभाग कार्यालय, कृषि विभाग कार्यालय, पुलिस थाना, रेडक्रास भवन, पुलिस थाना, बेरी एसडीएम कार्यालय, बेरी बीडीपीओ कार्यालय, पेट्रोल पंप, बाग जहांआरा स्टेडियम, सरकारी स्कल में तोडफोड़, डीारडीए कार्यालय, बस स्टेंड, डीएच लारेंस स्कूल में तोडफ़ोड व आगजनी की गई। डीघल टोल प्लाजा, दुजाना व बेरी पुलिस चौकी, डीघल पुलिस चौकी को जलाया गया।
दो सौ वाहन फूंक डाले उपद्रव के दौरान पूरे झज्जर जिले में छोटे बड़े 200 के करीब वाहनों को जलाया गया है। इसमें रोडवेज की बसें व सरकारी कार्यालय में खड़े वाहन शामिल हैं।