ये हैं स्पेशल 26 सीटें
पंजाब की जो 26 स्पेशल सीटें हैं उनमें फाजिल्का, भुच्चो मंडी, बटाला, डेरा बाबा नानक, लुधियाना पूर्व, मोगा, फतेहगढ़ चूड़ियां, बंगा (एससी), डेराबस्सी, बुढ़लाडा, दिरबा, गढ़शंकर, फगवाड़ा, खरड़, बरनाला, धूरी, अबोहर, फिल्लौर, नवांशहर, शाम चौरासी, अमलोह, साहनेवाल, सनौर, शाहकोट, दाखा, मलौट सीट शामिल हैं।
किस सीट पर कितना रहा अंतर
2017 में फाजिल्का, भुच्चो मंडी और बटाला में 1000 वोटों से जीत हार तय हुई थी। 9 सीटें ऐसी थीं जिनमें 1000 से 2000 का अंतर था। उनमें डेरा बाबा नानक, लुधियाना पूर्व, मोगा और फतेहगढ़ चूड़ियां, बंगा (एससी), डेराबस्सी, बुढलाडा, दिड़बा, गढ़शंकर सीट शामिल हैं। 2000 से 3000 के अंतर वाली सीट में चार शामिल हैं। इन सीटों में फगवाड़ा, खरड़, बरनाला, धूरी शामिल हैं। पांच में यह अंतर 3000 से 4000 के बीच था। इनमें अबोहर, फिल्लौर, नवांशहर ,शाम चौरासी, अमलोह हैं। इसके अलावा अन्य पांच सीटों में 4000 से 5000 के बीच अंतर था। इनमें साहनेवाल, सनौर, शाहकोट, दाखा और मलोट सीट शामिल हैं।
किस दल की क्या रणनीति
कांग्रेस: 2017 में कांग्रेस ने इन 26 सीटों में 11 पर जीत दर्ज की थी। इस बार के चुनाव में पार्टी ने विशेष रणनीति बनाकर प्रत्याशी उतारे हैं। कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के चेहरे भी बदले गए हैं। इसमें मोगा सीट शामिल है।
शिअद (गठबंधन): पिछले चुनाव में शिअद ने स्पेशल 26 में 7 सीटों पर विजय हासिल की थी। इस बार शिअद प्रधान सुखबीर बादल स्वयं चुनाव की कमान संभाले हैं। वह ऐसी सीटों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
आप: 2017 में आप ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। आप के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल स्वयं ही पंजाब की इन सीटों पर नजर बनाए हुए हैं।
भाजपा (गठबंधन): 2 सीटों पर भाजपा को विजय हासिल हुई थी। इस बार चुनाव में भाजपा अपने गठबंधन के साथी पीएलसी और शिअद संयुक्त के साथ चुनाव मैदान में है। इन सीटों पर केंद्रीय मंत्री ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं।