शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि यदि कोई विश्वविद्यालय ऑनलाइन परीक्षा लेने के लिए सभी सुविधाएं रखता है तो वहां ऑनलाइन परीक्षाएं संचालित की जा सकती हैं। यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा देने में सक्षम हों। जिन विद्यार्थियों के पेपर बचे हुए हैं, उन्हें परीक्षा से छूट देकर पिछली परीक्षा के औसत अंकों के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा।
कंवर पाल के अनुसार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को केवल आंतरिक मूल्यांकन की गणना के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट कर सकते हैं। जहां पर प्रैक्टिकल परीक्षाएं अभी तक संचालित नहीं हो पाई हैं, वहां पर विद्यार्थियों की पिछली सभी प्रैक्टिकल परीक्षाओं के औसत आधार पर या पिछले सेमेस्टर में थ्योरी की परीक्षाओं के औसत 80 प्रतिशत अंकों को आधार माना जा सकता है। इनमें जिसमें भी अधिक अंक बनते हैं, उसको आधार बना सकते हैं। बहुतकनीकी संस्थानों में भी अंतिम व अन्य वर्ष के विद्यार्थियों को अगले वर्ष या सेमेस्टर में प्रमोट करने व प्रैक्टिकल परीक्षाओं के अंक देने का फार्मूला भी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों की तरह ही लागू होगा।
विश्वविद्यालय व्यक्तिगत स्तर पर करेंगे स्नातक के दाखिले
विश्वविद्यालय स्नातक कक्षाओं में एडमिशन व्यक्तिगत स्तर पर करेंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के कॉलेजों के लिए पहले की तरह केंद्रीयकृत ऑनलाइन एडमिशन करेगा।